गुरु पूर्णिमा महोत्सव को लेकर आश्रम परिसर को आकर्षक ढंग से सजाया गया था। प्रवेश द्वार से लेकर मुख्य मंदिर और सभा स्थल तक रंग-बिरंगी सजावट, पुष्प मालाओं और धार्मिक पताकाओं से वातावरण पूरी तरह भक्तिमय बना रहा। विभिन्न स्थानों पर पेयजल, चिकित्सा सहायता और विश्राम की व्यवस्था भी की गई थी। श्रद्धालुओं के लिए भंडारे का आयोजन किया गया, जहां हजारों लोगों ने प्रसाद ग्रहण किया।
श्रद्धालुओं की भारी भीड़ का असर पड़ाव चौराहे और आसपास के मार्गों पर भी देखने को मिला। सुबह से ही वाहनों का दबाव बढ़ने लगा और कई बार जाम जैसी स्थिति बन गई। वाराणसी-चंदौली मार्ग पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं, जिससे लोगों को काफी देर तक जाम में फंसे रहना पड़ा। यातायात को सामान्य बनाए रखने के लिए पुलिस को लगातार मशक्कत करनी पड़ी।
गुरु पूर्णिमा महोत्सव को देखते हुए सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे। कई थानों की पुलिस फोर्स, यातायात पुलिस तथा खुफिया इकाइयों के अधिकारी आश्रम परिसर और आसपास के क्षेत्रों में तैनात रहे। प्रवेश द्वारों पर सुरक्षा जांच की व्यवस्था की गई थी। पुलिस कर्मी श्रद्धालुओं की आवाजाही को व्यवस्थित कराने और यातायात संचालन में लगातार लगे रहे। वरिष्ठ पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारियों ने समय-समय पर सुरक्षा व्यवस्था का निरीक्षण भी किया।
आश्रम प्रबंधन की ओर से बताया गया कि तीन दिवसीय गुरु पूर्णिमा महोत्सव के दौरान विभिन्न धार्मिक, आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। देशभर से आए साधु-संत, अघोर परंपरा के अनुयायी और सर्वेश्वरी समूह के पदाधिकारी अधिवेशन में भाग ले रहे हैं। गुरु पूर्णिमा महापर्व को लेकर पूरे आश्रम परिसर में उत्साह, श्रद्धा और भक्ति का वातावरण बना हुआ है।