त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव की लंबी कवायद के बाद गांवों की सरकार का गठन हो गया। शनिवार को जिले के नौ विकास खंडों में पहली खुली बैठक हुई।
इसमें पूर्ण सदस्य वाले गांवों में गांवों के विकास के लिए छह समितियों का गठन किया गया। जिन गांवों में समितियों के लिए सदस्यों की संख्या कम हुई। वहां समितियों का गठन पूर्ण नही हुआ। वहां प्रधानों को जल्दी से समिति के गठन की कार्रवाई पूर्ण करने का निर्देश दिया गया।
गांव के सचिवालयों पर अधिकारियों की मौजूदगी में प्रधानों ने समितियों का गठन किया। इसके साथ ही नवनिर्वाचित प्रधानों को काम करने का अधिकार मिल गया।
जिले के नौ विकास खंडों में 734 ग्राम प्रधानों का चयन किया गया था। इसमें 87 गांवों में ग्राम पंचायत सदस्यों की संख्या नगण्य रही। ऐसे में यहां विजयी होने के बाद भी प्रधान शपथ नहीं ले सके।
ऐसे में इन गांवों की बैठक भी नहीं बुलाई गई। पंचायत भवनों पर हुई बैठक की शुरूआत में सेक्रेटरी ने प्रधान व सदस्यों को ग्राम पंचायत के गठन तथा बनने वाली छह समितियों के बारे में जानकारी दी गई।
वहीं ग्राम प्रधान व पंचायत सदस्यों से परिचय भी प्राप्त किया गया। ग्राम प्रधान की अध्यक्षता में ग्राम पंचायतों के तहत नियोजन व विकास समिति, प्रशासनिक समिति, शिक्षा समिति, निर्माण कार्य समिति, जल प्रबंधन समिति, स्वास्थ्य व कल्याण समिति का गठन किया जाएगा।
नियामताबाद : विकास खंड के नियामताबाद, महेवा, गोधना, चंदरखा, हिंदवारी, कुढ़े खुर्द सहित दर्जनों ग्राम पंचायतों में ग्राम पंचायत की पहली बैठक आहुत की गई।
ब्लाक के 88 ग्राम सभाओं में 13 में सदस्यों की संख्या अपूर्ण होने की वजह से वहां बैठक नहीं हुई। बाकी 75 ग्राम सभाओं की बैठक हुई। हालांकि इसमें भी सभी में कार्रवाई पूरी नहीं की गई।
कंदवा : बरहनी विकास खंड क्षेत्र के कंदवा, कम्हरियां, सुढ़ना, बकौड़ी गांवों में ग्राम पंचायत की बैठक हुई। चकिया : विकास खंड क्षेत्र के सोता, बसनियां, उतरौत, गौरी, मवईयां सहित दर्जनों ग्राम पंचायतों में ग्राम पंचायत की पहली बैठक हुई।
ब्लाक के 88 ग्राम पंचायतों में दो गांवों में समितियों का गठन नहीं हुआ। शहाबगंज, नौगढ़, सकलडीहा, धानापुर और चहनियां विकास खंडों में ग्राम पंचायत की बैठक का आयोजन किया गया।