धानापुर क्षेत्र के शहीदगांव के समीप मिर्जापुर गांव में पांच फीट सात इंच
की लौकी कौतूहल का विषय बनी है। आसपास के लोग इसे देखने के लिए पहुंच रहे
हैं।
किसान रविशंकर द्विवेदी का कहना है कि नौ किलो की लौकी की लंबाई अभी बढ रही है। इसी वजह से वे इसे तोड़ नहीं रहे हैं।
अध्यापक
रविशंकर द्विवेदी ने दरवाजे पर पांच माह पहले लौकी का बीज बोया था।
उन्होंने सैयदराजा बाजार से हाइब्रिड बीज खरीदा था। उसे बोने के बाद जैविक
खाद व कंपोस्ट मिलाकर डाला।
सात दिन बाद ही इसमें पौधा दिखने लगा। वे
लगातार पानी और खाद डालते रहे। पौधा तैयार हुआ और 42 दिन में ही फूल आने
शुरू हो गए। इसके बीस दिन बाद लौकी फलने लगी और देखते ही देखते दो से ढाई
फीट की लंबी लौकी उग आई।
यह देख परिवार के लोग अचंभित हो गए।
आम तौर पर
इतनी लंबी लौकी होती नहीं है। बड़ी लौकी देखने के लिए लोगों की भीड़ जुटने
लगी। इसमें एक लौकी की लंबाई अप्रत्याशित रूप से बढ़ने लगी और यह पांच फीट
सात इंच लंबी हो गई। रविशंकर के मुताबिक 62 दिनों में लौकी पांच फीट सात
इंच की हो चुकी है।