पीडीडीयू नगर के सिकटियां में कुंभकरण की मुंह में स्थापित मां सरस्वती की प्रतिमा। संवाद
पीडीडीयू नगर। नगर के वार्ड नंबर 14 परशुरामपुर (सिकटिया) में कुंभकर्ण की जिह्वा पर सवार माता सरस्वती के दर्शन होंगे। यहां कुंभकर्ण की विशालकाय प्रतिमा बनाई गई है। उसके मुंह में जिह्वा पर माता को बैठाकर दर्शाया गया है कि मनुष्य की जिह्वा पर सरस्वती विराजमान होती हैं। ऐसे में हमेशा सोच समझ कर बोलना चाहिए। 23 जनवरी को वसंत पंचमी का त्योहार मनाया जाएगा। जिले में 500 पंडालों में मां सरस्वती की मूर्तियां स्थापित कर पूजा अर्चना की जाएगी। इसकी तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं।
कला और ज्ञान की देवी मां सरस्वती की पूजा माघ शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को होती है। इस बार 23 जनवरी को वसंत पंचमी मनाई जाएगी। पंडालों का निर्माण कराया जा रहा है। वहीं, कलाकार मूर्तियों को अंतिम रूप दे रहे हैं। परशुरामपुर सिकटिया में स्थापित मूर्ति आकर्षण का केंद्र होगी। मूर्तिकार अनिल यादव ने कुंभकर्ण की जिह्वा पर माता सरस्वती को विराजित किया है। पिछले कई वर्षों से अनिल माता सरस्वती की आकर्षक मूर्ति बनाकर पूजा करते हैं।
पीडीडीयू नगर के चतुर्भुजपुर, काली महाल, अलीनगर, कैलाशपुरी, धर्मशाला रोड के साथ ही रेलवे के आरपीएफ कॉलोनी, शास्त्री कॉलोनी, गया कॉलोनी, मानस नगर सहित अन्य स्थानों पर पूजा की तैयारी तेजी पर है। नगर के नई बस्ती में सरस्वती प्रतिमा को कलाकार अंतिम रूप दे रहे हैं। यहां 600 से ज्यादा मूर्तियों का निर्माण किया गया है। सबसे बड़ी मूर्ति आठ फीट की है। इसे चौका घाट वाराणसी में स्थापित किया जाएगा। मूर्तिकार दुर्गा और राधे प्रजापति ने बताया कि एक हजार से 15 हजार रुपये तक की मूर्तियां उपलब्ध हैं। बृहस्पतिवार की शाम को मूर्तियां पंडालों में पहुंचेगी और शुक्रवार को विधि विधान से पूजा की जाएगी।