मुख्य चिकित्साधिकारी कार्यालय सभागार में शुक्रवार को फाइलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम के तहत आयोजित कार्यशाला में नाइट ब्लड सर्वे की जानकारी दी गई। इस दौरान जिले के सभी विकास खंडों में कार्यक्रम के आयोजन के लिए एलटी, एलए व वेक्टर वार्न स्टाफ को प्रशिक्षण दिया गया।
कार्यशाला में मुख्य चिकित्सा अधिकारी डाॅ. वाईके राय ने कहा कि फाइलेरिया मच्छर से फैलने वाली बीमारी है। माइक्रोफाइलेरिया मनुष्य के शरीर में रात में ही सक्रिय होते हैं इसीलिए इसकी जांच रात में की जाती है। अपील की कि 20 वर्ष से अधिक उम्र वाले फाइलेरिया की जांच कराएं। जिला मलेरिया अधिकारी पीके शुक्ला ने बताया कि फाइलेरिया नियंत्रण अभियान के लिए जनपद के सात ब्लाक स्तरीय सामुदायिक, प्राथमिक केंद्रों व नगरीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों कुल सात प्लानिंग यूनिट पर रात 10 बजे से नाइट ब्लड सर्वे किया जाना है। प्रत्येक साइट पर 300 रक्त पट्टिका (सेंटीनल-300 व रैंडम 300 कुल 600 इस प्रकार 14 स्थलों पर कुल 4200) रक्त पट्टिका की जांच की जाएगी। इस दौरान अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डाॅ. हीरा लाल सिंह, डाॅ. कल्पना सिंह, राजीव सिंह, चंद्रगुप्त सिंह आदि उपस्थित रहे।