पीडीडीयू नगर। कूड़ा निस्तारण की समस्या से जूझ रहे नगर पालिका प्रशासन को लंबे समय बाद राहत की खबर मिली है। जिला प्रशासन की ओर से पालिका को सकलडीहा तहसील के सलेमपुर में डेढ़ हेक्टेयर जमीन तो पहले ही मिल गई थी मगर हस्तांतरित नहीं हुई थी। अब राजस्व अभिलेख में यह जमीन नगर पालिका के नाम दर्ज हो गई जिससे कूड़े निस्तारण के लिए जमीन का संकट झेल रहे पालिका प्रशासन को समस्या का समाधन मिल गया है। अब वहां कूड़ा डंपिंग ग्राउंड के साथ ही उसके निस्तारण की भी व्यवस्था की जाएगी।
पहले नगर से निकलने वाले रोजाना तकरीबन 35 टन कूड़े का निस्तारण जीटीआर ब्रिज के पश्चिमी छोर पर रेलवे की खाली जमीन और अलीनगर क्षेत्र में जीटी रोड के किनारे खाली पड़ी जमीन में किया जा रहा था। दोनों स्थानों पर कूड़े का ढेर एकत्र होने के बाद उसमें पालिका के कर्मचारी आग लगा देते थे। इससे कई दिनों तक कूड़े के ढेर से जहरीला धुआं निकलता रहता था। गंदगी होती थी। इसे देखते हुए कुछ माह पूर्व रेल प्रशासन ने कूड़ा गिराने से रोक दिया। वहीं अलीनगर में भी ग्रामीणों के आक्रोश के कारण पालिका का कूड़ा गिरना बंद हो गया। इसके बाद पालिका के सामने कूड़ा निस्तारण की बड़ी समस्या खड़ी हो गई। विवशता में पालिका कूड़े का निस्तारण बबुरी थाना क्षेत्र में खाली पड़ी जमीनों पर करने लगा। अब पालिका को कूड़ा निस्तारण के लिए सलेमपुर में जमीन मिल गई है।
पालिका प्रशासन जमीन मिल जाने के बाद कूड़ा निस्तारण की दिशा में तेजी से कार्य करने में जुट गया है। नगर पालिका परिषद के अधिशासी अधिकारी कृष्णचंद्र ने बताया कि जमीन हस्तांतरित हो गई है। शीघ्र ही जमीन के चारों ओर चहारदीवारी बनवाई जाएगी। इसके अलावा कूड़ा डंप करने के लिए आने-जाने वाले वाहनों की सुविधा को सड़क भी बनवाई जाएगी। वहीं एमआरएफ (मेटेरियल रिकवर फैसेलिटी) के लिए शासन से अनुदान की मांग की जाएगी। एमआरएफ से गीले और सूखे कचरे को अलग किया जाएगा। उससे खाद बनाया जाएगा।