पीडीडीयू नगर। मुकम्मल तैयारी और संसाधन के बिना पीडीडीयू नगर में शुरू की गई घर-घर कूड़ा उठान की व्यवस्था धड़ाम हो गई है। पालिका क्षेत्र में 16 हजार भवन पंजीकृत हैं लेकिन मात्र छह हजार घरों से कूड़े का उठान हो रहा है। बाकी लोग सड़कों और गलियों में कूड़ा फेंक रहे हैं। नगर पालिका के अधिकारी संसाधनों का रोना रो रहे हैं। कहना है कि कूड़ा उठान के लिए 60 ट्रालियों की जरूरत है लेकिन नगर पालिका के पास सिर्फ 25 ट्रालियां हैं। इससे नगर में गंदगी फैल रही है।
घर-घर से कूड़ा उठान के लिए नगर पालिका की ओर से निजी कंपनी से करार किया गया है। नगर पालिका की ओर से निजी कंपनी को संसाधन उपलब्ध कराए जाएंगे वहीं कंपनी के कर्मचारी नगर पालिका क्षेत्र में लोगों के दरवाजे पर जाकर से घरों से कूड़ा एकत्र करेंगे। इसके एवज में नगर पालिका गृहस्वामियों से पचास रुपये शुल्क भी वसूलेगी। लेकिन संसाधन के अभाव में सभी घरों से कूड़े का उठान नहीं हो पा रहा है। विभागीय आंकड़ों के नगर पालिका क्षेत्र में 16 हजार से अधिक भवन पंजीकृत है। जबकि वर्तमान में कंपनी की ओर से लगभग छह हजार घरों से कूड़ा एकत्र किया जा रहा है। हर घर से कूड़ा उठाने के लिए अभी 30 ट्रालियों की जरूरत है। सूत्रों के अनुसार नगर पालिका की ओर से नगर के 25 में 24 वार्डो में घर-घर जाकर कूड़ा एकत्र किये जाने का दावा किया रहा है।
इनसेट
रोज निकलता है 49 टन कचरा
पीडीडीयू नगर। नगर के 25 वार्डो में लगभग डेढ़ लाख की आबादी रहती है। रोज करीब 49 टन कचरा निकलता है। जिसे छोटी गाड़ियों से अलग-अलग जगह पर इकट्ठा किया जाता है। इसके बाद डंपर में भरकर कचरा निस्तारण केंद्र ले जाया जाता है। संवाद
कोट
सफाई व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। एक-दो महीने में जरूरी संसाधन निजी कंपनी को उपलब्ध करा दिए जाएंगे। लोगों से अपील है सड़क पर कूड़ा न फेंके। - सोनू किन्नर, नगर पालिका अध्यक्ष, पीडीडीयू नगर