चहनिया। बलुआ घाट पर गंगा नदी के जलस्तर में दो सेंटीमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से बढ़ोतरी हो रही है। रविवार को जलस्तर 67.38 मीटर पर था और 24 घंटे में बढ़कर सोमवार की शाम जलस्तर 67.86 मीटर पर पहुंच गया। केंद्रीय जल आयोग के अनुसार जलस्तर चेतावनी बिंदु 70.26 मीटर से 2.4 मीटर नीचे है।
उधर, लोगों को चिंता सता रही है कि इसी रफ्तार से जलस्तर में बढ़ोतरी होती रही तो जल्दी ही चेतावनी बिंदु के पास पहुंच सकता है। उधर, पानी सीढ़ियों को लांघते हुए मां गंगा मंदिर होते हुए चेंजिंग रूम तक पहुंच गया है। चेंजिंग रूम आधा डूब गया है। अंत्येष्टि स्थल भी पानी में डूबने से लोगों को अंतिम संस्कार करने में परेशानी हो रही है। उधर, गंगा का लगातार जलस्तर बढ़ने से तटवर्ती इलाकों के ग्रामीणों की चिंता बढ़ गई है। तटवर्ती गांव भुपौली, डेरवा, महड़ौरा, कांवर, पकड़ी, महुअरिया, विशुपुर, महुआरी खास, सराय, बलुआ, डेरवाकला, महुअर कला, हरधन जुड़ा, गंगापुर, पुराबिजयी, पुरागणेन, चकरा, हरधनजुड़ा, सोनबरसा, टांडाकला, महमदपुर, सरौली, तीरगांवा, हसनपुर, बड़गांवा, नादी निधौरा, सहेपुर आदि के ग्रामीणों की हजारों एकड़ उपजाऊ जमीन बाढ़ के दौरान पूर्व में गंगा में समाहित हो चुकी है। इस बार भी गंगा में लगातार पानी बढ़ने से तटवर्ती गांवों के किसानों को उपजाऊ जमीन के कटान की चिंता सताने लगी है।