जिले में गंगा का जल स्तर फिर से बढ़ने लगा है। पिछले चौबीस घंटे में गंगा का जल स्तर एक मीटर तक बढ़ गया। बृहस्पतिवार को गंगा का बढ़ाव थमा था गंगा का जलस्तर 68.54 मीटर पर स्थिर था। शुक्रवार को तेजी से गंगा का जल स्तर बढ़ने लगा। केंद्रीय जल आयोग के अनुसार शुक्रवार की शाम चार बजे तक चंदौली में गंगा का जलस्तर चेतावनी बिंदु से मात्र 72 सेंमी नीचे रहा। शाम चार बजे तक जलस्तर एक मीटर बढ़कर 69.54 मीटर तक पहुंच गया। जिले में चेतावनी बिंदु 70.262 और खतरा बिंदु 71.262 मीटर है। वर्ष 1978 में गंगा का जल स्तर 73.901 मीटर तक पहुंच गया था। यदि इसी तरह से गंगा के बढ़ने का क्रम जारी रहा तो शनिवार को गंगा का जल स्तर चेतावनी बिंदु को पार कर जाएगा।
जिले में गंगा के तटवर्ती तीन ब्लाॅक में 45 से अधिक ग्राम पंचायतें हैं। पिछले कुछ दिनों से गंगा का जल स्तर लगातार बढ़ रहा है। पिछले एक सप्ताह में ढाई मीटर तक गंगा का जलस्तर बढ़ गया लेकिन बुधवार की रात से गंगा के जल स्तर में कमी आई। बृहस्पतिवार की सुबह 08:30 बजे तक गंगा के तटवर्ती क्षेत्रों में 55.4 मिमी बारिश हुई है। बावजूद इसके बृहस्पतिवार को जल स्तर में 30 सेमी की गिरावट आई थी। रात से फिर जल स्तर बढ़ने लगा। तेजी से गंगा का जल स्तर बढ़ने से नियामताबाद ब्लाॅक के बहादुरपुर, मवई कला, कुंडा खुर्द, कुंडा कला, सहजौर, रौना आदि तटवर्ती इलाके के लोगों में बेचैनी बढ़ गई है। चहनिया और टांडाकला में गंगा के तटवर्ती गांव भुपौली, डेरवा, महड़ौरा, कांवर, पकड़ी, महुअरिया, विशुपुर, महुआरी खास, सराय, बलुआ, डेरवाकला, महुअर कला, हरधन जुड़ा, गंगापुर, पुराबिजयी, पुरागणेन, चकरा, हरधन जुड़ा, सोनबरसा, टांडाकला, महमदपुर, सरौली, तीरगावां, हसनपुर, बड़गांवा, नादी निधौरा, सहेपुर आदि गांवों के किसानों को कटान का डर सता रहा है। खेतों में बोई गई सब्जी की फसल डूब चुकी है। वहीं पशुओं का हरा चारा डूब चुका है।
रात में लतीफ शाह बीयर से गिरा 18 हजार क्यूसेक पानी
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चकिया। पर्वतीय वन क्षेत्र में बारिश के बाद बृहस्पतिवार को नौगढ़ बांध के बाद मूसाखांड बांध से पानी छोड़ा गया। इससे इन बांधों का पानी लतीफशाह बीयर से कर्मनाशा नदी में गिरा। इससे नदी के तटवर्ती इलाकों में बाढ़ का खतरा उत्पन्न हो गया। शुक्रवार को डीएम और एसपी ने बाढ़ के संभावित इलाकों में भ्रमण कर स्थिति का जायजा लिया। पूरी रात पानी छोड़े जाने के बाद शुक्रवार की शाम पानी बंद किया गया।
कर्मनाशा सिस्टम के नगवा और नौगढ़ बांध से बृहस्पतिवार को पानी छोड़े जाने से मूसाखाड बांध में पानी अपने उच्चतम जल स्तर को पार कर गया। इससे बांध से 18 हजार क्यूसेक पानी लतीफ शाह बीयर में छोड़ा गया। बृहस्पतिवार और शुक्रवार की रात में लतीफ शाह बीयर से 5.5 फीट पानी कर्मनाशा नदी में गिरा।
शुक्रवार की शाम तक पानी छोड़े जाने का सिलसिला नगवा, नौगढ़ और मूसाखाड़ से ठप हो गया है। लतीफ शाह बीयर से अभी 2800 क्यूसेक पानी कर्मनाशा नदी में गिर रहा है। बांधों से पानी छोड़े जाने की सूचना पर डीएम चंद्र मोहन गर्ग और एसपी आदित्य लाग्हे ने शुक्रवार को लतीफशाह बीयर का निरीक्षण किया। डीएम ने सिंचाई विभाग के अधिकारियों को स्थिति पर नजर बनाए रखने और तत्काल बाढ़ नियंत्रण के नियमों को लागू करने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता हरेंद्र कुमार, सहायक अभियंता राकेश तिवारी, ऋषभ राय, जेपी सिंह, सहायक जल लेखाकार धीरेंद्र तिवारी मौजूद रहे।
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कर्मनाशा नदी का जलस्तर बढ़ा
शहाबगंज। पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार हो रही बारिश से सभी बांध लबालब भर गए हैं। इसके कारण कर्मनाशा नदी का जल स्तर तेजी से बढ़ रहा है। शुक्रवार को पुलिस टीम ने तटवर्ती गांवों का दौरा कर ग्रामीणों को सतर्क रहने की अपील की है।
एसआई संगम लाल दूबे एवं रामचंद्र साही ने कर्मनाशा नदी के किनारे बसे गांव तिरो , सवैया,महलवार,परासी,केरायगांव सहित थाना क्षेत्र के अन्य गांवों का निरीक्षण किया। उन्होंने ग्रामीणों को आगाह किया कि जलस्तर में और वृद्धि हो सकती है, इसलिए फिलहाल नदी किनारे न जाएं और न ही पशुओं को चराने के लिए वहां भेजें। बच्चों को नदी से दूर रखने की सलाह दी गई। वहीं बीडीओ दिनेश सिंह संबंधित गांव के सचिवों क्षेत्र में मुस्तैद होकर कार्य करने व बाढ़ पर नजर बनाए रखने का निर्देश दिया। बाढ़ नियंत्रण टीमों को भी अलर्ट पर रखा गया है और नावों की व्यवस्था की जा रही है।
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लतीफशाह बीयर से गिरते पानी को देखने पहुंच रहे सैलानी
बीयर के पानी को निहारने बड़ी संख्या में पहुंचे सैलानी
संवाद न्यूज एजेंसी
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चकिया। नगवा और नौगढ़ के साथ ही मूसाखाड़ के बांधों से पानी छोड़े जाने से लतीफशाह बीयर से कर्मनाशा नदी में पानी गिरने लगा। इससे कर्मनाशा नदी में तो जान आ ही गई है, लतीफशाह बीयर भी शानदार चाैड़े झरने के रूप में बदल गई है। तेज आवाज के साथ गिरते पानी को देखने के लिए दूर-दूर से सैलानी आने लगे हैं। शुक्रवार को यहां सैलानियों की भीड़ रही।
पिछले मानसून सत्र के बाद से ही लगातार पानी के अभाव से कर्मनाशा नदी जूझ रही थी। पानी न मिलने से कर्मनाशा नदी में प्रभाव थमा हुआ था। पानी की कमी के चलते लिफ्ट कैनाल भी बंद थी। चकिया तहसील क्षेत्र की बनभीषमपुर, कौड़िहार, भूसी पूर्वी, और भूसी पश्चिम लिफ्ट कैनाल भी दम तोड़ चुकी थी। अब बीयर से पानी गिरने से कर्मनाशा नदी भी जीवित हो उठी है और किसानों को इसका लाभ मिलेगा।