फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

गंगा में समा सकते हैं दो देवालय

Fri, 07 Aug 2015 02:28 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंदौली
विज्ञापन
विज्ञापन
गंगा के जल स्तर में बढ़ाव और घटाव के बीच गंगा कटान का भी क्रम जारी है। इससे तटवर्ती गांव के लोगों की नींद उड़ चुकी है।
विज्ञापन


  लोगों को पल पल अपनी भूमि गंगा की ओर खिसकती महसूस हो रही है। जिस तेजी से कटान हो रहा है। उससे क्षेत्र के कुंडा खुर्द गांव के मल्लाह बस्ती पर खतरा बढ़ गया है।

साथ ही पुराने डीह बाबा और बजरंग बली के मंदिर के गंगा में समाने की आशंका हो गई है। वहीं मल्लाह बस्ती में जाने वाले संपर्क मार्ग पर भी खतरा मंडरा रहा है।
विज्ञापन


 गंगा के तटवर्ती गांवों में कटान की समस्या नई नहीं है। लेकिन आज तक किसी ने इसको रोकने की पहल नहीं की है। प्रति वर्ष बाढ़ आने अथवा अत्यधिक गंगा कटान होता देख किसानों के शोर मचाने पर जिलाधिकारी, जनप्रतिनिधि आदि गांव में पहुंचते हैं और किसानों को बचाव के उपाय करने का आश्वासन देते हैं।

लेकिन बाद में मामला फिर जस का तस हो जाता है। गंगा कटान से सर्वाधिक खतरा नियामताबाद विकास खंड के कुंडा खुर्द गांव के मल्लाह बस्ती पर मंडरा रहा है। अब तक सैकड़ों बीघा भूमि कटान की भेंट चढ़ चुकी है वहीं अब मल्लाह बस्ती के पुराना डीह बाबा और बजरंग बली मंदिर पर खतरा मंडरा रहा है।
विज्ञापन


इसके पूर्व वर्ष 2013 में आयी बाढ़ में बस्ती में दो सौ वर्ष पुराना पीपल का पेड़ कटान की भेंट चढ़ गया। अब मंदिर पर खतरा मंडराने लगा। क्षेत्र के पंकज मल्लाह, रघुवीर मल्लाह, संतोष, सुबेदार, लालता प्रसाद, बसंत प्रधान आदि ने बताया कि हर वक्त डर बना रहता है।
के साये में बीत रहा है।

 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें