बीस दिन पूर्व सियार के काटने से जख्मी खुरुहुजा निवासी आठ वर्षीय बालक दशमी की रविवार की दोपहर मौत हो गई।
ग्रामीणों
ने सदर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के चिकित्सकों पर इलाज में लापरवाही
बरतने का आरोप लगाते हुए शव के साथ चिकित्सालय परिसर में ही धरना दिया।
गांव वाले दोषी चिकित्सक पर कार्रवाई और मुआवजे की मांग करने लगे।
जानकारी के बाद कोतवाली पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। अंत में ब्लाक प्रमुख
पति अरविंद यादव ने आर्थिक मदद देने के बाद ग्रामीणों को समझाया बुझाया।
खुरुहुजा
निवासी रामसखी के पुत्र दशमी को विगत 16 नवंबर को एक सियार ने काट लिया
था। इस दौरान सियार ने गांव के आधा दर्जन लोगों को अपना निशाना बनाया था।
रामसखी अगले दिन पुत्र को लेकर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र सदर पहुंचे। जहां
चिकित्सकों ने एंटी रेबीज का इंजेक्शन लगाकर पीड़ित को वापस भेज दिया।
इसके बाद अंतराल पर चार इंजेक्शन लगाए गए।
रविवार को अचानक दशमी ही हालत
बिगड़ गई। परिवार के लोग उसे लेकर जिला चिकित्सालय पहुंचे, जहां उसे मृत
घोषित कर दिया गया। इसके बाद ग्रामीण चिकित्सालय पर एकत्रित हो गए।
चिकित्सकों पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए बालक का शव लेकर
प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर धरना देने लगे।
उनका कहना था कि मौके पर कोई
चिकित्सक नहीं था। इमरजेंसी कक्ष पर ताला लटक रहा था।
सपा नेता अरविंद
यादव पहुंचे और प्रभारी चिकित्साधिकारी से बातचीत की। इस बाबत प्रभारी
चिकित्साधिकारी डा. कुमार विमल का कहना है कि बालक कोएंटी रेबीज वैक्सीन
लगाई जा रही थी। अस्पताल पहुंचने से पहले ही मौत हो चुकी है। जांच कराई
जाएगी।