समर कैंप के दौरान विद्यार्थियों के लिए प्रतिदिन अलग-अलग गतिविधियां आयोजित होंगी। 13 मई को वर्णमाला, संख्याएं, हस्ताक्षर एवं दैनिक उपयोग के सरल वाक्यों का अभ्यास कराया जाएगा। 14 मई को वर्चुअल सिटी टूर और व्यावहारिक जीवन से जुड़े संवाद का अभ्यास कराया जाएगा। 15 मई को संगीत, नृत्य और चित्रकला जैसी कला गतिविधियों के माध्यम से भाषा सीखने पर जोर दिया जाएगा।
प्रतिभागी बच्चों को प्रमाणपत्र भी प्रदान किए जाएंगे
इसी क्रम में 16 मई को स्थानीय व्यंजन और पारंपरिक वस्तुओं की जानकारी दी जाएगी, जबकि 18 मई को सांस्कृतिक सराहना, श्रवण कौशल विकास तथा स्थानीय लोकगीतों व प्रसिद्ध व्यक्तित्वों की जानकारी बच्चों को दी जाएगी। 19 मई को इंडिया मैप और भूगोल से जुड़ी गतिविधियों के जरिए नदियों, पर्वतों और ऐतिहासिक स्थलों की जानकारी दी जाएगी। वहीं अंतिम दिन 20 मई को पारंपरिक खेल, प्रेरक गतिविधियां और समापन कार्यक्रम आयोजित होगा। कैंप समाप्ति के बाद प्रतिभागी बच्चों को प्रमाणपत्र भी प्रदान किए जाएंगे।
कोट
राजकीय एवं एडेड विद्यालयों के प्रधानाचार्यों को निर्देशित किया गया है कि उपलब्ध संसाधनों और स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार समर कैंप का सफल आयोजन सुनिश्चित किया जाए। इससे बच्चों की पढ़ाई के साथ-साथ रचनात्मक और व्यवहारिक कौशल में भी वृद्धि होगी।
— देवेंद्र सिंह, डीआईओएस