छत से रिहर्सल देखी, अब सामने उड़ते विमान देखने पहुंचीं
दुलहीपुर की शबाना ने बताया कि वह पिछले दो दिनों से घर की छत से एयर शो की रिहर्सल और पहले दिन का प्रदर्शन देख रही थीं। आसमान में विमानों की आवाज सुनाई देती तो वह छत पर पहुंच जाती थीं। लेकिन दूर से दिखाई देने वाले विमानों को देखने की उत्सुकता उन्हें शनिवार को गंगा किनारे ले आई। इस बार वह परिवार की अन्य महिलाओं के साथ पहुंचीं, ताकि एयर शो का नजारा और करीब से देख सकें।
साजिया ने कहा कि बनारस में फाइटर प्लेन देखने का मौका मिलना उनके लिए खास है। उन्होंने कभी नहीं सोचा था कि अपने आसपास ही लड़ाकू विमानों की उड़ान देखने का अवसर मिल जाएगा। उनके लिए यह अनुभव इसलिए भी यादगार है कि इसके लिए किसी दूसरे शहर जाने की जरूरत नहीं पड़ी।
'हम तो घर में ही रहते हैं, पहली बार देखे ऐसे विमान'
रूबिका ने कहा कि उन्होंने पहले कभी इस तरह के लड़ाकू विमान नहीं देखे थे। ज्यादातर समय घर में ही बीतता है। ऐसे में एयर शो देखने का मौका मिलना उनके लिए किसी सपने के पूरा होने जैसा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कारण बनारस में ऐसा आयोजन संभव हो पाया और उन्हें भी पहली बार यह नजारा देखने का अवसर मिला।
दुलहीपुर की ही आयशा ने अपनी बात रखते हुए कहा कि महिलाओं को घर से बाहर निकलने का मौका बहुत कम मिलता है। उन्होंने कभी सपने में भी नहीं सोचा था कि बंगलुरु और दूसरे बड़े शहरों में होने वाले ऐसे आयोजन को वह अपने इलाके में देख सकेंगी। एयर शो ने उन्हें यह अवसर दिया कि वे भी परिवार के साथ घर से निकलकर इस रोमांच का हिस्सा बनें।
'दूर किसी दूसरे शहर में होता तो हम कैसे देख पाते'
बीएसई की छात्रा फातिमा ने कहा कि अगर एयर शो देश के किसी दूर शहर में होता तो उनके लिए वहां पहुंचकर इसे देख पाना आसान नहीं था। बनारस में आयोजन होने से आसपास के लोगों को भी यह मौका मिल गया। उनके अनुसार, यह उनके लिए गर्व और खुशी की बात है कि लड़ाकू विमानों को देखने के लिए उन्हें दूर नहीं जाना पड़ा।
सुबह सात बजे घर से निकलकर साढ़े आठ बजे बहादुरपुर घाट पहुंचने वाली इन महिलाओं के लिए पांच किलोमीटर का रास्ता महज दूरी नहीं था। वह एक ऐसे अनुभव तक पहुंचने का सफर था, जिसकी उम्मीद उन्होंने पहले नहीं की थी। गंगा किनारे पहुंचकर आसमान की ओर टकटकी लगाए इन महिलाओं के चेहरे पर उत्साह था। किसी के लिए विमान देखना पहली बार का रोमांच था तो किसी के लिए घर की सीमाओं से बाहर निकलकर परिवार के साथ एक यादगार दिन बिताने का मौका।