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Chandauli News: कुर्सी, बाल्टी से टंकी तक... प्लास्टिक सामानों की कीमतों में उछाल

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चकिया​ स्थित दुकान पर सजी प्लास्टिक की सामग्रियां। संवाद
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शिकारगंज। अमेरिका-ईरान युद्ध का असर प्लास्टिक के सामानों की कीमतों पर दिखना शुरू हो गया है। खाद्य पदार्थ महंगे होने के साथ ही अब कच्चे माल की आपूर्ति प्रभावित होने से प्लास्टिक के उत्पाद भी महंगे होने लगे हैं। प्लास्टिक के कच्चे माल की कीमतों में बढ़ोतरी ने प्लास्टिक उद्योग की कमर तोड़ दी है। इसका सीधा असर किचन से लेकर बच्चों के खेलने की सामग्रियों तक पड़ रहा है। व्यवसाय से जुड़े जानकारों का कहना है कि प्लास्टिक के दाने की आपूर्ति प्रभावित होने से उत्पादों में कमी आ गई है।
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उत्पादन कम होने से इनके दाम 25 से 30 प्रतिशत बढ़ जाने से आम आदमी की जेब पर अतिरिक्त बोझ पड़ रहा है। घरेलू उपयोग में आने वाले प्लास्टिक के बर्तन, टब व ड्रम आदि महंगे हो गए हैं। प्लास्टिक के सामान बेचने वाले दुकानदार राकेश राय ने बताया कि 400 रुपये की कुर्सी अब 450 रुपये की हो गई है। प्लास्टिक की 125 रुपये के पानी की छह बोतलों का सेट अब 140 रुपये का हो गया है, जबकि 250 रुपये वाला डस्टबिन 280 रुपये में बेचा जा रहा है। इसी प्रकार 150 रुपये की बाल्टी का दाम भी बढ़कर 165 रुपये हो गया है। दुकानदार ज्ञानेश्वर प्रसाद ने बताया कि प्लास्टिक पाइप फिटिंग की कीमतों में वृद्धि हो चुकी है। पानी की जो टंकी पहले 2000 रुपये में मिल रही थी, उसकी कीमत बढ़कर 3000 से 3500 रुपये के पार हो गई है। भवन निर्माण में इस्तेमाल होने वाले पीवीसी पाइपों के दाम बढ़ने से घर बनाना भी लोगों के लिए महंगा हो गया है। खिलौने बेचने वाले दुकानदार श्याम ने बताया कि प्लास्टिक से बनने वाले बच्चों के खिलौने, झूले और एजुकेशनल किट्स के दाम बढ़ने से अभिभावकों को अब अधिक जेब ढीली करनी पड़ेगी। व्यापारियों का मानना है कि यदि कच्चे माल की आपूर्ति जल्द सामान्य नहीं हुई, तो आगामी त्योहारों के सीजन में कीमतें और भी बढ़ सकती हैं।
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