मुगलसराय कोतवाली अंतर्गत हृदयपुर, छित्तमपुर, नैयापर सहित आस पास के गांवों में चार से अधिक मानव रहित रेलवे क्रासिंग हैं। यहां आए दिन दुर्घटनाएं होती हैं। पिछले पांच वर्षों में आधा दर्जन से अधिक घटनाएं हो चुकी हैं।
वाराणसी मिर्जापुर रेल रूट पर ब्लॉक हट बी के समीप मानव रहित हृदयपुर रेलवे क्रासिंग पर शनिवार की रात साढ़े नौ बजे मैसूर फेस्टिवल स्पेशल ट्रेन से एंबुलेंस टकरा गई। आरपीएफ के जवानों ने एंबुलेंस को हटाया, इसके बाद ट्रेन आगे के लिए रवाना हुई। एक वर्ष पहले इस क्रासिंग से कुछ आगे दूसरे क्रासिंग पर मालगाड़ी की चपेट में आने से हृदयपुर निवासी बाइक सवार की मौत हो गई थी। वहीं तीन वर्ष पहले हृदयपुर के समीप ही रेलवे क्रासिंग पर रसोई गैस सिलिंडर लदा पिकअप मालगाड़ी से टकरा गई थी। रेलवे सुरक्षा बल ने पिकअप और चालक को गिरफ्तर किया। इसके पूर्व भी मालगाड़ी की चपेट में आने से एक बाइक क्षतिग्रस्त हो गई थी। रेलवे सुरक्षा बल इस मामले में मुकदमा दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू की। हृदयपुर गांव के लोगों का कहना है कि कई बार रेलवे क्रासिंग पर पुल बनाने की मांग की गई लेकिन सुनवाई नहीं हुई। वहीं रेलवे इन क्रासिंग को रेलवे क्रासिंग नहीं मानता है। यही कारण है कि यहां तीन वर्ष पहले ही बोर्ड लगा दिया गया है कि यह आम रास्ता नहीं है। इस पर आवागमन करना जुर्म है। बावजूद इसके यहां आवागमन जारी है। इसी वजह से दुर्घटनाएं हो रही है। इस संबंध में वरीय मंडल सुरक्षा आयुक्त आशीष मिश्र ने कहा कि बिना क्रासिंग के रेलवे लाइन पार करना रेलवे अपराध है। इसके लिए लगातार जागरूकता अभियान चलाया जाता है। मैसूर एक्सप्रेस से एंबुलेंस की टक्कर की घटना के बाद रेलवे सुरक्षा बल व्यासनगर पोस्ट ने आरोपी चालक ओमप्रकाश यादव निवासी गाजीपुर को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। वहीं एंबुलेंस को भी कब्जे में लिया है। आरपीएफ मुकदमा दर्ज कर आगे की कार्रवाई में जुटी है।