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Chandauli News: 40 वर्षों से चल रहे चार अवैध स्टैंड

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पड़ाव-पीडीडीयू नगर सिक्स लेन की आधी सड़क पर ऑटो चालकों का कब्जा। संवाद - फोटो : mathura
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पीडीडीयू नगर। चंदौली के सबसे बड़े चौराहे पड़ाव पर पिछले 40 वर्षों से भी ज्यादा समय से चार अवैध ऑटो और बस स्टैंड संचालित हो रहे हैं। यातायात व्यवस्था को संभालने के लिए चौराहे पर दो एसआई सहित 5-7 के करीब पुलिसकर्मी रहते हैं, उनके सामने लबे सड़क ऑटो और बस खड़ी कर घंटों सवारियां भरी जाती हैं। जिसकी वजह से सड़क संकरी हो जाती है और रोजाना कम से कम 2-4 घंटे तक जाम लगता है।
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पड़ाव चौराहा चंदौली जिले का सबसे बड़ा चौराहा है। इस चौराहे से वाराणसी, मिर्जापुर, सोनभद्र, चंदौली, मुगलसराय, बहादुरपुर,रामनगर के लिए वाहन जाते हैं। इसके साथ ही चंदासी कोल मंडी से रोजाना 1200 के करीब ट्रकों और 15 से ज्यादा स्कूलों की 400 बसों का आवागमन होता है। पड़ाव चौराहे पर वाराणसी जाने वाले वाहनों, चंदौली जाने वाले वाहनों और रामनगर जाने वाले वाहनों के एक-एक ऑटो स्टैंड और मिर्जापुर, सोनभद्र जाने के लिए बस स्टैंड का संचालन होता है।
पड़ाव से रामनगर तक फोर लेन और पड़ाव से पीडीडीयू नगर तक सिक्स लेन बनने के बाद सड़क काफी चौड़ी हो गई है। लेकिन 200 से ज्यादा ऑटो खड़ी होने की वजह से सड़क काफी संकरी हो जाती है। चौराहे के खराब कैमरे को सही करा दिया गया है जिससे ऑटो स्टैंड 10 मीटर दूरी पर लगता है। पड़ाव से पीडीडीयू नगर जाने वाले सिक्स लेन पर ही अब चंदौली जाने वाले वाहनों का ऑटो स्टैंड संचालित हो रहा है। इससे सिक्स लेन भी टू लेन हो गया है। विडंबना यह है कि यह सबकुछ पुलिस के सामने हो रहा है। चौराहे पर जाम न लग पाए इसके लिए पुलिसकर्मी लगाए गए हैं लेकिन अवैध वाहन स्टैंड पर आज तक कोई कार्रवाई नहीं हुई।
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चौराहे पर ही बीच सड़क बस स्टैंड का संचालन
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पड़ाव चौराहे पर चलने वाले अवैध ऑटो स्टैंड के जगह थोड़ा इधर उधर किया गया है लेकिन बस स्टैंड संचालन अभी भी बीच सड़क पर हेाता है। चौराहे पर स्थित शराब की दुकान के सामने बीच सड़क पर मिर्जापुर, सोनभद्र आदि स्थानों पर जाने वाली बसें दिनभर खड़ी रहती हैं। एक बस के जाने के बाद दूसरी बस वहीं आकर लग जाती है। कभी-कभी तो दो-तीन की संख्या मेें बसें लाइन में खड़ी हो जाती हैं। सड़क पर डिवाइडर बन जाने की वजह से वैसे ही दोनों तरफ चौड़ाई कम है। बसों के खड़े होकर सवारी भरने से अन्य वाहनों के लिए केवल 10-12 फिट की ही जगह बच पाती है।
सड़क पर खड़ी हो रही ऑटो को व्यवस्थित करने के लिए तीन साल पहले वाराणसी के तत्कालीन आईजी के सत्यनारायण ने प्रयास किया था। उन्होंने लोहे के बड़े रॉड मंगाकर दोनो तरफ के सड़क को घेर दिया था और ऑटो वालों को निर्देश थे कि इसके अंदर ही ऑटो खड़ी करनी है। यह व्यवस्था 8-10 दिन तो चली लेकिन इसके बाद सवारी के चक्कर में ऑटो चालक फिर से सड़क पर ऑटो खड़ी करने लगे। चंदौली एसपी आदित्य लांग्हे भी करीब एक वर्ष पहले रात को चौराहे पर पहुंचे थे। उन्होंने ऑटो चालकों से बात की और पड़ाव पर चल रहे वाराणसी का जो स्टैंड पड़ाव चौराहे पर संचालित होता था उसकेा काफी आगे करा दिया। लेकिन 1-2 महीने बाद सुबह के समय बीच सड़क पर ही ऑटो खड़ी कर चालक सवारी भरने लगे, जो आज भी है। सुबह रेलवे पुलिया से लेकर चौराहे तक ऑटो सड़क पर ही खड़ी रहती है।
-04 अवैध ऑटो और बस स्टैंड का संचालन होता है पड़ाव पर
-40 वर्ष से ज्यादा समय से चल रहा अवैध स्टैंड का संचालन
-4000 से भी ज्यादा वाहनों का रोजाना होता है आवागम
1200 के करीब केवल चंदासी कोल मंडी से चलती हैं ट्रकें
300 के करीब है चौराहे से गुजरने वाले स्कूली बसों की संख्या
5-7 के करीब पुलिसकर्मी हमेशा चौराहे पर रहते हैं तैनात
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कोट-चौराहे पर लबे सड़क बसें और ऑटो खड़े करने वालों पर कार्रवाई की जाएगी। यातायात व्यवस्था सही हो इसके लिए हम लगातार प्रयासरत हैं।-कृष्णमुरारी शर्मा, सीओ, यातायात
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पड़ाव-पीडीडीयू नगर सिक्स लेन की आधी सड़क पर ऑटो चालकों का कब्जा। संवाद- फोटो : mathura

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