नौगढ़, चंदौली। जंगल की सुरक्षा का जिम्मा संभालने वाले नौगढ़ रेंज के चार वाचर ईश्वरी (42), शांता (43), रामवृक्ष (44) और ओमप्रकाश (45) ने ही 40 बीघे जमीन पर अवैध कब्जा कर लिया। मामले का खुलासा होने के बाद वन विभाग के अधिकारियों की तहरीर पर पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर ली है।
वाचरों ने 40 बीघा आरक्षित वन भूमि पर हल चलाकर गेहूं और सरसों की फसल बो दी। वन क्षेत्राधिकारी संजय कुमार श्रीवास्तव को जैसे ही जानकारी मिली, उन्होंने तुरंत जांच के आदेश दिए। जांच में दोषी पाए गए कर्मा बांध निवासी चार वाचरों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली गई। रेंजर ने साफ कहा कि नियमों से कोई समझौता नहीं होगा।
यह भी बताया कि अगले दो दिनों में खड़ी फसल को रोटावेटर और जेसीबी मशीनों से नष्ट कर दिया जाएगा। इसके बाद गड्ढा खोदाई और सुरक्षा खाई का निर्माण शुरू होगा, ताकि भूमि को फिर से सघन वन क्षेत्र बनाया जा सके। संबंधित वाचरों को स्पष्टीकरण नोटिस जारी किया गया है। यदि उनका जवाब संतोषजनक नहीं पाया गया, तो उन्हें सेवा से हटाने की कार्रवाई की जाएगी।
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2026-27 में पौधारोपण के लिए चिह्नित की गई थी वन भूमि
वन विभाग ने वाचरों की ओर से कब्जा की गई भूमि को वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए पौधारोपण के लिए चिह्नित किया। 5 जून को विश्व पर्यावरण दिवस पर पौधारोपण होना है। मामला उजागर होने पर वन अधिकारी ही नहीं आसपास के गांव के निवासी भी हैरान रह गए।
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और भी मामले आ सकते हैं सामने
आशंका जताई जा रही है कि ऐसे मामले और भी सामाने आ सकते हैं। किसानों का कहना कि वन विभाग ऐसे मामलों में ग्रामीणों पर कड़ी कार्रवाई करता है। यदि अन्य वन क्षेत्राें की जांच कराई जाए तो कई मामले सामने आएंगे। वाचरों और कर्मचारियों पर ही अवैध अतिक्रमण करने की आशंका है। जयमोहनी रेंज, मझगाई रेंज और नौगढ़ रेंज में कई वाचर और कर्मचारी आरक्षित वन भूमि पर कब्जा किए हुए हैं। स्थानीय लोग की ओर से इस तरह के अतिक्रमण की शिकायतें बार-बार की जाती रही हैं।