पीडीडीयू नगर। मुगलसराय कोतवाली पुलिस और साइबर सेल की टीम ने शुक्रवार को जिस्मफरोशी के धंधे में शामिल महिलाओं के अश्लील वीडियो बनाकर धन उगाही करने वाले गिरोह का भंडाफोड़ किया। पुलिस ने प्रयागराज जिले के शंकरगढ़ थाना क्षेत्र के खान सेमरा गांव निवासी विजय कुमार गुप्ता, उसकी पत्नी अंजली, भाई कृष्ण कुमार गुप्ता और वाराणसी के विशंभर विश्वकर्मा को गिरफ्तार किया है। आरोपी अब तक छह महिलाओं को अपना शिकार बना चुके हैं।
पुलिस अधीक्षक आकाश पटेल ने शुक्रवार को पुलिस लाइन सभागार में प्रेस कॉन्फ्रेंस करके मामले का खुलासा किया। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि चंदौली क्षेत्र में नौकरी और मकान दिलाने के नाम पर महिलाओं को बुलाया जाता था फिर उन्हें बंधक बनाकर नग्न फोटो, वीडियो बनाया जाता था। इसकी शिकायतें लगातार मिल रही थीं। आरोपी खुद को पुलिस और सीबीआई का अधिकारी बताते थे। वीडियो सोशल मीडिया पर साझा करके वायरल करने की धमकी देते थे। इसके बाद महिलाओं और उनके परिजनों से धनराशि वसूलते थे। शिकायतों की जांच मुगलसराय पुलिस और साइबर सेल ने शुरू की तो एक संगठित गिरोह का पता चला।
जांच में सामने आया कि प्रयागराज के शंकरगढ़ थाना क्षेत्र के सेमरा गांव निवासी विजय कुमार गुप्ता उर्फ रॉकी पहले वेबसाइट के माध्यम से जिस्मफरोशी का धंधा (एस्कॉर्ट सर्विस) करता था। विजय ने अपनी पत्नी और भाई के साथ मिलकर गिरोह बनाया। एस्कॉर्ट सर्विस से जुड़ी महिलाओं को ग्राहक बनकर मकान पर बुलाया जाता था। वहां उन्हें बंधक बनाकर मारपीट की जाती और जबरन नग्न फोटो-वीडियो बनाए जाते थे। इसके बाद वीडियो वायरल करने की धमकी देकर पीड़िताओं और उनके परिजनों से रकम वसूली जाती थी।
मोबाइल फोन छीनकर 75 हजार रुपये ट्रांसफर कर लिए
पुलिस अधीक्षक ने बताया कि 27 अगस्त को एक महिला ने मुगलसराय कोतवाली में तहरीर देकर बताया कि 14 मई को नौकरी दिलाने के बहाने उसे रामनगर से डहिया स्थित एक मकान में ले जाया गया था। वहां कुछ लोगों और खुद को सीबीआई अधिकारी बताने वाली महिला ने उसके साथ मारपीट और गलत हरकत की। एक युवक के साथ उसका वीडियो बनाकर वायरल करने की धमकी दी और रुपये मांगे। दो दिन बंधक रखने के बाद परिजनों से 30 हजार रुपये लेकर उसे छोड़ा गया। इस दौरान उसका मोबाइल फोन छीनकर फोन-पे के जरिये करीब 75 हजार रुपये आरोपियों ने ट्रांसफर कर लिए।
महिला को बंधक बनाकर निर्वस्त्र किया, वीडियो बनाकर मांगे पांच लाख रुपये
पुलिस अधीक्षक ने बताया कि एक महिला ने शिकायत में बताया कि 16 अगस्त को ऑनलाइन मकान देखने के लिए आरोपियों के संपर्क में आई थी। आरोपी उसे रामनगर चौराहे से डहिया स्थित मकान पर ले गए। वहां तीन पुरुष और एक महिला ने उसे कमरे में बंधक बनाकर निर्वस्त्र किया और वीडियो बनाया। वीडियो वायरल करने की धमकी देकर पांच लाख रुपये की मांग की गई। विरोध करने पर आरोपियों ने मारपीट की और मोबाइल छीनकर उसके पति को फोन कर रुपये मांगे। इसके बाद यूपीआई के जरिये 1.14 लाख रुपये ट्रांसफर करा लिए गए। पीड़िता रात में किसी तरह छत के रास्ते वहां से निकल भागी।
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आरोपी महिला खुद को बताती थी सीबीआई अधिकारी
पुलिस के मुताबिक वर्ष 2023 में धंधे से जुड़ी एक महिला ने विजय कुमार गुप्ता के साथ ठगी की थी। इसके बाद उसने धंधे में शामिल महिलाओं को ही ब्लैकमेल करने की योजना बनाई। गिरोह में विजय की पत्नी अंजली गुप्ता भी सक्रिय भूमिका निभाती थी। वह खुद को सीबीआई अधिकारी बताकर महिलाओं को डराती-धमकाती थी। फर्जी और कूटरचित पहचान पत्रों व बैंक खातों के जरिये रकम हासिल करने और गिरोह के वित्तीय लेनदेन का काम अंजली संभालती थी। वह महिलाओं को ऑनलाइन बुक करने के बाद रामनगर चौराहे से डहिया स्थित मकान तक लाता था। वहां अन्य आरोपी महिलाओं को बंधक बनाकर वीडियो बनाते और परिजनों से व्हाट्सएप कॉल के जरिये फिरौती मांगते थे।
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डहिया स्थित मकान से चारों को पकड़ा
पुलिस अधीक्षक के अनुसार थानाध्यक्ष मुगलसराय अर्जुन सिंह के नेतृत्व में पुलिस टीम ने डहिया बद्रीपुरम कॉलोनी स्थित मकान पर दबिश दी। मौके से मुख्य आरोपी विजय गुप्ता, पत्नी अंजली, भाई कृष्ण कुमार गुप्ता और वाराणसी के विशंभर विश्वकर्मा को गिरफ्तार किया गया। विजय गुप्ता अपने परिवार के साथ मुगलसराय कोतवाली क्षेत्र के हमीदपुर गांव में किराये के मकान में रहता है।
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टॉर्चर किट भी बरामद किया गया
पुलिस ने आरोपियों के पास से आठ मोबाइल फोन, 72,300 रुपये नकद, नौ एटीएम कार्ड, पांच फर्जी आधार कार्ड, पैन कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, वोटर आईडी, श्रम कार्ड और कोविड कार्ड बरामद किए। इसके अलावा यूनियन बैंक, एक्सिस बैंक और कोटक महिंद्रा बैंक की पासबुक व चेकबुक, पोर्टेबल वाईफाई डिवाइस, टॉर्चर किट, बाइक और एक स्कूटी बरामद की गई है।