रेल रोको आंदोलन व रेल संपत्ति की तोड़फोड़ मामले में वांछित पूर्व चेयरमैन
राजकुमार जायसवाल सहित तीन लोगों ने रेलवे मजिस्ट्रेट की कोर्ट में बुधवार
को आत्म समर्पण कर दिया।
जहां चंदौली जिला जज ने जमानत अपील पर
सुनवाई करते हुए तीनों को अंतरिम जमानत पर रिहा कर दिया। इस मामले की अगली
सुनवाई तीन अप्रैल को होगी।
अंतरिम जमानत मिलने के बाद आरोपियों ने राहत की
सांस ली।
गौरतलब है कि 09 अगस्त 2001 को मुगलसराय के तत्कालीन चेयरमैन
राजकुमार जायसवाल व गुड्डू यादव और अशोक तिवारी, कई सपा कार्यकर्ताओं समेत
कुल 13 पर उसी दिन चंदौली मझवार स्टेशन पर रेल रोकने व तोड़फोड़ करने के
मामले में जीआरपी ने मुकदमा अपराध संख्या 507/01 आईपीसी की धारा 353, 352,
336, 427, रेलवे एक्ट की धारा 150, 151, 152, 153, 154 व सरकारी संपत्ति
को क्षति पहुंचाने एक्ट की धारा 3/4 समेत 7 क्रिमिनल ला अमेंडमेंट एक्ट में
मुकदमा पंजीकृत किया था।
इस मामले में पूर्व में समर्पण कर चुके पांच
लोगाें ने जमानत ले ली थी, वहीं पूर्व चेयरमैन राजकुमार जायसवाल समेत कई
अन्य स्वतंत्र रूप से घूम रहे थे।
कुछ दिनों पूर्व जारी हुए गैरजमानती
वारंट के विरुद्ध तीनों आरोपियों ने हाईकोर्ट में गुहार लगाई थी। हाईकोर्ट
ने राहत देते हुए 27 मार्च 2015 तक संबंधित कोर्ट में सरेंडर करने को कहा
था।
इसके क्रम में तीनों अभियुक्तों ने बुधवार को रेलवे मजिस्ट्रेट
कोर्ट में सरेंडर किया। जहां जमानत अर्जी पर सुनवाई करते हुए एसीजेएम ने
अर्जी खारिज कर दी। इसके बाद तीनों अभियुक्तों के अधिवक्ता ने जिला जज
न्यायालय चंदौली के यहां जमानत दिए जाने की अर्जी दी।
सुनवाई के बाद जिला
जज एन के बहल ने तीनों को अंतरिंम जमानत पर रिहा कर अगली कार्यवाही के लिए
03 अप्रैल 2015 को उपस्थित होने को कहा है। जिसके बाद रेलवे कोर्ट ने शाम
को उचित कार्यवाही के बाद रिहा कर दिया।