पड़ाव। स्थानीय चौराहे से रामनगर तक फोरलेन के लिए पांच गांवों के 250 से ज्यादा भवनों को तोड़ने के बाद अभी तक मलबा नहीं हटाया गया। इससे नाले-नालियां जाम हैं और आवागमन भी बाधित है। चारों तरफ मलबा पड़ा होने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
पड़ाव से रामनगर तक फोरलेन की जद में आए पांच गांवों के 250 से ज्यादा मकान जेसीबी से तोड़ दिए गए थे। एक महीना बीतने के बाद भी अभी तक मलबा नहीं हटाया गया है।
जगह-जगह मलबे के ढेर लगे हैं। मलबे के कारण कई घरों की नालियां जाम हो गई हैं, जिस कारण गंदा पानी नहीं निकल पा रहा है। वहीं, रास्ते भी अवरुद्ध हो गए हैं, जिस कारण लोगों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। रात में राहगीर हादसे का शिकार भी होते हैं। यही नहीं, कई लोगोें को अभी तक क्षतिपूर्ति भी नहीं मिली है।