पीडीडीयू नगर। जिले की बेहतर चिकित्सा सेवा का दावा भले ही अधिकारी करते हैं, लेकिन सच तो कुछ और ही है। पंडित कमलापति त्रिपाठी संयुक्त जिला चिकित्सालय में की बदहाल व्यवस्था बुधवार को तब उजागर हुई जब एक तीमारदार को स्ट्रेचर के लिए चार घंटे तक इधर-उधर चक्कर काटना पड़ा। वहीं एक मरीज को बिजली न होने की बात कह कर एक्स-रे के लिए बाहर भेज दिया गया।
बलुआ थाना क्षेत्र के बछौली गांव निवासी नरेंद्र बहादुर के भाई का पैर में फैक्चर हो गया है। बुधवार की सुबह करीब आठ बजे ही अस्पताल पहुंच गए। वहां गाड़ी से उतार कर अस्पताल में ले जाने के लिए स्ट्रेचर की जरूरत पड़ी तो वह अस्पताल के एक चिकित्सक के यहां गए। उनसे अनुरोध किए तो बताया गया कि कुछ देर में मिल जाएगा। करीब आधे घंटे बाद पुन: अनुरोध करने गए तो भी आश्वासन ही मिला। नरेंद्र ने बताया कि 11 बजे तक आधारकार्ड लेकर कभी यहां तो कभी वहां चक्कर काटता रहा, लेकिन स्ट्रेचर नहीं मिला और उसे गोद में उठाकर अस्पताल ले जाया गया। इसी तरह अर्जुन गिरी ने बताया कि वह अपना एक्स-रे कराने के लिए अस्पताल में पहुंचे तो एक्स-रे कक्ष में यह कहते हुए वापस कर दिया गया कि बिजली नहीं है। कहीं बाहर जाकर करा लें। बाहर ज्यादा शुल्क देकर एक्स-रे कराना पड़ता है। जबकि यहां जनरेटर भी लगाया गया है।
अस्पताल में इलाज कराने आए कई मरीजों और उनके तीमारदारों ने बताया कि यहां स्थिति इतनी खराब है कि लोगों को इलाज कराने में दिक्कत होती है। कभी किसी बहाने तो कभी किसी बहाने टाला जाता है। एक्स-रे कक्ष में बिजली व्यवस्था का न होना बड़ी समस्या है। स्ट्रेचर आदि भी लोगों को समय से नहीं मिल पाता। यानी जो सक्षम है वहीं इलाज करा पाता है।
नेशल हाइवे बनाने के दौरान बिजली की थोड़ी दिक्कत हुई है। इस समस्या के बारे में उच्चाधिकारियों को भी अवगत कराया गया है। उम्मीद है कि जल्द ही समस्या दूर हो जाएगी। एक्स-रे के लिए जनरेटर लगा हुआ है। अगर किसी को बाहर भेजा गया है तो इसकी जांच करवाई जाएगी। स्ट्रेचर की समस्या दूर करने के लिए सभी वार्डों में इंतजाम किए गए हैं। मेल वार्ड की सिस्टर ने बताया कि दो स्ट्रेटर कुछ लोग ले गए, लेकिन वापस नहीं किए। ऐसे में थोड़ी दिक्कत है। इसे जल्द ही दूर कर लिया जाएगा।
डॉ. भूपेंद्र द्विवदी, सीएमएस -जिला अस्पताल