सुबह करीब नौ बजे तक सूर्य के दर्शन भी नहीं हुए। इसके बाद सूर्य के दर्शन तो हुए लेकिन धूप बेअसर रही। सुबह 10 बजे के बाद कोहरा कम होना शुरू हुआ और धूप की तीव्रता बढ़ी। राज्य कृषि व मौसम विभाग के प्रभारी अतुल कुमार सिंह ने लोगों को कोहरे से बचने के उपाय बताए हैं।
बताया कि कोहरे में गाड़ी चलाते समय हमेशा सामान्य से कम गति से चलें, लो-बीम हेडलाइट्स और फॉग लाइट्स का प्रयोग करें क्योंकि ये कोहरे को चीरकर रोशनी फैलाती हैं। हाई बीम से बचें, अपनी हैजर्ड लाइट्स (चारों इंडिकेटर) चालू रखें ताकि पीछे और आगे वाले वाहन आपको देख सकें।
आगे चल रहे वाहन से पर्याप्त दूरी बनाए रखें ताकि अचानक ब्रेक लगाने की जरूरत पड़ने पर टक्कर न हो। कम दृश्यता में दूसरे वाहन को ओवरटेक करना खतरनाक है, इससे बचें। रेडियो बंद कर दें, फोन दूर रखें और अपना पूरा ध्यान सड़क पर केंद्रित रखें।
विंडस्क्रीन पर जमने वाली धुंध (ओस) को साफ करने के लिए डीफॉगर का इस्तेमाल करें। यदि कोहरा बहुत घना हो और कुछ दिखे न तो किसी सुरक्षित जगह पर रुक जाएं और कोहरा छंटने का इंतजार करें। सड़क के दाहिने किनारे या सड़क पर बनी पेंट की हुई लाइन का अनुसरण करें, यह आपको सही लेन में रहने में मदद करेगी।
कोहरे से गेहूं की फसल को फायदा
जिला कृषि अधिकारी विनोद यादव ने बताया कि जिन किसानों ने गेहूं की बोआई कर ली है, उनके लिए यह कोहरा फायदेमंद है। कोहरे की नमी से पौधों की वद्धि में सहायता मिलती है। वहीं जिन किसानों के धान की फसल अभी तक नहीं कट पाई है, वे खेतों की नमी सूखते ही कटाई आरंभ कर दें जिससे समय रहते क्रय केंद्रों पर धान पहुंच सके।