गंगा में बाढ़ रविवार को भी जारी रही। बाढ़ से जिले में अब तक पैंतीस गांव अपने संपर्क मार्ग से कट चुके हैं। जिसमें पांच गांव रविवार को पानी के चलते अलग-थलग हो चुके थे। रविवार की सुबह आठ बजे गंगा का जलस्तर 72 मीटर पर था, जो खतरे के निशान से 74 सेंटीमीटर ऊपर है। बाढ़ नियंत्रण अधिकारी बीबी पांडेय के अनुसार गंगा रविवार को एक सेमी प्रति घंटा की रफ्तार से बढ़ रही हैं। बाढ़ का पानी 70 गांवों में पहुंच चुका है।
दुलहीपुर संवाददाता के अनुसार मुगलसराय तहसील के कुंडा खुर्द, भिसौड़ी, मवई कला, कुंडा कला, करवत , डांडी, बहादुरपुर, मढ़िया, चौरहट, बखरा आदि गांवों में बाढ़ का पानी प्रवेश कर गया है। वहीं कुंडा खुर्द और भिसौड़ी गांवों का संपर्क मार्ग से संबंध कट गया है। बचाव के लिए गांव के लोग अपने घरों के समान को छतों पर रख रहे हैं। जबकि राशन को घरों में बने टांड़ पर रख रहे हैं। कुंडा खुर्द और भिसौड़ी गांव के प्रधान अपने खर्च पर लोगों को आने जाने के लिए नाव की व्यवस्था किए हुए हैं। जबकि प्रशासन उदासीन है और कागजों में नाव की आपूर्ति कर दी गई है। धानापुर संवाददाता के अ़नुसार क्षेत्र का गुरैनी, नगवां, अमादपुर, नरौली, प्रहलादपुर, दीयां, प्रसहटा, गद्दोचक, बुद्धपुर आदि गांवों का संपर्क कट चुका है। इसी तरह नौघरा, हिंगुतरगढ़ समेत एक दर्जन से अधिक गांवों में पानी प्रवेश कर रहा है। चहनियां संवाददाता के अनुसार बलुआ बाजार में नदी का पानी ऊपर तक आ गया है। वहीं मुकुंदपुर, पूरा विजई, पूरा गणेश, नादी, निधौरा, भूपौली, कैली, कुुरहना, रौना, महुअर समेत दो दर्जन गांवों में बाढ़ का पानी प्रवेश कर चुका है। टांडाकला संवाददाता के अनुसार तिरगांवा, हसनपुर, नदेसर, मारुफपुर समेत एक दर्जन से अधिक गांवों में बाढ़ का पानी भर गया है और लोग सुरक्षित स्थानों की ओर निकल रहे हैं। प्रभावित गांव के लोगों में प्रशासन के खिलाफ नाराजगी है। उनका कहना है कि प्रशासन पीड़ितों को कोई मदद नहीं कर रहा है। कहने को तो मारुफपुर में बाढ़ चौकी बना दी गई है लेकिन पुख्ता इंतजाम नहीं हैं।