फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Chandauli News: बाढ़ और कटान ने बढ़ाई चिंता, 200 साल पुराना पीपल का पेड़ गंगा में समाया

विज्ञापन
टांडाकला के बढ़ता गंगा का जलस्तर। संवाद
विज्ञापन
पीडीडीयू नगर। गंगा के जलस्तर में बुधवार को 4 सेमी प्रति घंटे की रफ्तार से वृद्धि दर्ज की गई। केंद्रीय जल आयोग के अनुसार शाम 4 बजे तक जलस्तर .98 मीटर बढ़कर 68.04 मीटर तक पहुंच गया। मंगलवार को जलस्तर 67.06 मीटर पर था। इस समय गंगा चेतावनी बिंदु से 2.22 मीटर नीचे बह रही है। वहीं, तटवर्ती इलाकों में बढ़ के साथ कटान ने भी लोगों की चिंता बढ़ा दी है। कुंडा खुर्द गांव में 200 वर्ष पुराना पीपल का पेड़ गंगा में समा गया।
विज्ञापन

पिछले एक सप्ताह से गंगा के जलस्तर में बढ़ाव जारी है। सोमवार से इसकी रफ्तार तेज है। बुधवार को जलस्तर 4 सेमी प्रति घंटे की रफ्तार से चढ़ता रहा। वहीं, बाढ़ के साथ कटान में तेजी आने से गांवों की चिंता बढ़ गई है। पड़ाव, कुंडा खुर्द, कुंडा कला सहित अन्य गांवों में खेतों तक पानी पहुंच गया है। चहनिया और धानापुर ब्लॉक के घाटों की सीढ़ियों तक पानी पहुंच गया है। बलुआ सहित अन्य घाटों पर चेंजिंग रूम पानी में डूब गए हैं। जिले में गंगा का चेतावनी बिंदु 70.262 मीटर और खतरे का 71.262 मीटर है। इस समय गंगा चेतावनी बिंदु से 2.22 मीटर नीचे बह रही हैं।
टांडाकला संवाददाता के अनुसार गंगा के जल स्तर में बढ़ोतरी लगातार जारी है। पिछले 10 दिनों में 15 फीट से ज्यादा पानी चढ़ गया है। इसके भूपौली, डेरवा, महड़ौरा, कांवर, पकड़ी, महुअरिया, विशुपुर, महुआरी खास, सराय, बलुआ, डेरवा कला, महुअर कला, हरधन जुड़ा, गंगापुर, चकरा, हरधन जुड़ा, सोनबरसा, टांडाकला, महमदपुर, सरौली, तीरगावां, हसनपुर, बड़गांवा, नादी निधौरा, सहेपुर, मुकुंदपुर, नौदर आदि गांवों में सब्जियां, ज्वार, बाजरा समेत अन्य फसलें डूब गई हैं। इससे तटवर्ती इलाके के लोग परेशान हैं।
विज्ञापन


इनसेट-
नियामताबाद के आधा दर्जन गांवों में कटान तेज
दुलहीपुर। नियामताबाद ब्लॉक के कुंडा खुर्द, कुंडा कला, मवई, बहादुरपुर, लेड़वापुर सहित समेत आधा दर्जन गांवों में कटान तेज हो गई है। सबसे ज्यादा कटान कुंडा खुर्द गांव में हो रही है। बुधवार को सुबह कटान के कारण 200 वर्ष पुराना पीपल का पेड़ गंगा में समा गया। गांव के कूड़ा घर तक पानी पहुंच गया है। पिछले पांच वर्षों में कुंडा खुर्द गांव में 20 बीघा जमीन गंगा में समा चुकी है। पिछले एक हफ्ते में राजेंद्र यादव, राम करण, महंगू राम, मुकेश, रिंकू सिंह, बाबूलाल, राम मूरत सिंह, विनोद सिंह, पप्पू, श्याम करण के ढाई बीघा खेत कटान की भेंट चढ़ चुके हैं। गांव के प्रधान भैया लाल यादव ने बताया कि इस साल ढाई बीघा जमीन गंगा में समा चुकी है। इससे गांव के लोग दहशत में हैं। संवाद

टांडाकला के बढ़ता गंगा का जलस्तर। संवाद

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें