फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Flood Alert: बाढ़ से निपटने के लिए बनी 41 बाढ़ चौकियां सक्रिय नहीं, न चारे का इंतजाम न ही खाने का; परेशानी

Sun, 02 Aug 2026 06:11 AM IST
Aman Vishwakarma अमर उजाला नेटवर्क, चंदाैली।

सार

Chandauli News: पीडीडीयू नगर में बाढ़ से निपटने के लिए प्रशासन की ओर से बनाई गई 41 बाढ़ चौकियां अब तक सक्रिय नहीं हो सकी हैं। चौकियों पर न पशुओं के लिए चारे की व्यवस्था है और न ही प्रभावित लोगों के भोजन की। इससे संभावित बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के ग्रामीणों में चिंता बढ़ गई है।
विज्ञापन
डीडीयू नगर में एक स्थान पर बाढ़ से निपटने के लिए बनी चौकी। - फोटो : संवाद
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

पीडीडीयू नगर जिले में गंगा का जल स्तर लगातार बढ़ता जा रहा है। इससे तटवर्ती इलाकों में बाढ़ का खतरा मडराने लगा है। प्रशासन की ओर से बाढ़ से निपटने के लिए 41 बाढ़ चौकी बनाने की घोषणा कर दी गई। पिछले दिनों डीएम ने कलेक्ट्रेट में बैठक कर भी विभागों को तीन दिन के भीतर बाढ़ चौकियों पर सभी इंतजाम करने के निर्देश दिए गए थे। बावजूद इसके अभी तक किसी बाढ़ चौकी पर कोई व्यवस्था नहीं की गई है। ऐसे में दिक्कत हो सकती है।

विज्ञापन




चंदौली जिले में पं.दीनदयाल उपाध्याय नगर और सकलडीहा तहसील के 72 से अधिक गांव गंगा के तटवर्ती हैं। गंगा का जल स्तर बढ़ने पर गांव में बाढ़ की आशंका बनी रहती है। तटवर्ती इलाकों में बाढ़ से चचाव के लिए बाढ़ चौकियां बनाई जाती है। 

विज्ञापन

इस वर्ष भले ही मानसून देर से आया है लेकिन पहाड़ों पर हो रही बारिश का असर गंगा के जल स्तर पर दिख रहा है। पिछले एक सप्ताह से जल स्तर में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। वर्तमान में गंगा खतरे के निशान से 8 मीटर नीचे है लेकिन जिस तरह से गंगा के जल स्तर में बढ़ोत्तरी हो रही है। उससे जल्द ही बाढ़ की आशंका है। 

बाढ़ को देखते हुए जिले में 41 बाढ़ चौकियां बनाई गई है। पंचायत भवन, परिषदीय स्कूलों में बाढ़ चौकी बनाकर यहां पशुओं का चारा, खाने पीने की वस्तुओं के साथ पेजयल, प्रकाश आदि की व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए हैं। बावजूद इसके अभी प्रशासनिक अधिकारियों का दावा हवा हवाई है। बाढ़ चौकियों पर न तो साफ सफाई हुई है और न ही प्रकाश की व्यवस्था।

बाढ़ से निपटने के लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। इसके लिये संबधित अधिकारियों को निगरानी रखने का निर्देश दिया गया है। सभी संबंधित विभागों को जिम्मेदारियां सौंप दी गई हैं और जरूरत पड़ते ही बाढ़ चौकियां सक्रिय कर दी जाएंगी। आकाक्षा सिंह, एसडीएम सकलडीहा

केस-1 चहनिया विकास खंड के सोनबरसा गांव में बाढ़ चौकी बनाई गई है। बावजूद इसके अभी तक यहां बाढ़ चौकी तक लिखा हुआ नहीं है। ग्राम प्रधान राधिका देवी के प्रतिनिधि आनंद सोनकर ने बताया लिस्ट में है। अभी तक यहां कोई व्यवस्था नहीं है।

केस-2 बलुआ में थाने के समीप बाढ़ चौकी बना दी गई है। यहां कर्मचारियों को नियुक्त कर दिया गया लेकिन न तो यहां प्रकाश की व्यवस्था है और न ही यहां अन्य कोई व्यवस्था है।
विज्ञापन

सकलडीहा तहसील में 12 गांव होते हैं अधिक संवेदनशील
सकलडीहा तहसील के धानापुर और चहनिया विकास खंड में 12 गांव बाढ़ के लिए संवेदनशील हैं। संवेदनशील प्रसाहटा, दिया, गद्दोचक और गंगापुर जैसे गांकों में आबादी और फसल दोनों प्रभावित होती हैं। इसके अतिरिक्त 61 अन्य गांव ऐसे हैं जहां केवल फसलें प्रभावित होती हैं। राहत कार्यों के लिए कुल 200 अधिकारी और कर्मचारी नामित किए गए हैं। इनमें तहसीलदार को नोडल अधिकारी बनाया गया है, जबकि बीडीओ, एडीओ और नायब तहसीलदार प्रभारी के रूप में कार्य करेंगे। इसके अलावा 42 बड़ी और छोटी नावें भी नामित की गई हैं।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें