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Chandauli News: कार्तिक पूर्णिमा पर एक युवती समेत पांच किशोरियां डूबीं, दो बहनों की मौत, दो बची, एक की तलाश जारी

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चंदौली/ताराजीवनपुर। कार्तिक पूर्णिमा पर जिले के दो स्थानों पर शुक्रवार की सुबह नहाते और पूजा सामग्री विसर्जित करते समय एक युवती समेत पांच किशोरियां डूब गईं। तालाब में डूबने से दोनों बहनों की मौत हो गई। वहीं, नदी में डूबी दो बालिकाओं को मल्लाहों ने बचा लिया और एक बालिका की तलाश की जा रही है। पहली घटना चंदौली सदर कोतवाली के तालाब और दूसरी घटना अलीनगर थाना क्षेत्र के कैली गंगा घाट की है।
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कार्तिक पूर्णिमा पर जसुरी निवासी चचेरी बहन बबीता उर्फ खुशबू (22) और खुशी (14) गांव के तालाब पर पूजन सामग्री विसर्जित करने गई थी। इस दौरान पैर फिसलने से खुशबू तालाब में डूबने लगी। उसे बचाने में खुशी भी गहरे पानी मे चली गई। दोनों के साथ गई एक बच्ची ने घर जाकर परिजनों को घटना की जानकारी दी। आनन-फानन में परिजन तालाब तट पर पहुंचे। तब तक दोनों चचेरी बहनें डूब चुकी थीं। घटना की सूचना मिलते मौके पर ग्रामीणों की भीड़ लग गई। सूचना पर पहुंची पुलिस ने ग्रामीणों की मदद से दोनों बहनों की खोजबीन शुरू की। कुछ देर में ग्रामीणों ने दोनों बहनों को पानी से बाहर निकाला। तब तक दोनों की मौत हो चुकी थी। पुलिस ने दोनों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। इस संबंध में सीओ सदर राजेश राय ने बताया कि सदर कोतवाली के जसुरी गांव के तालाब में दो बहनें में डूब गईं। दोनों के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। उधर, अलीनगर थाना क्षेत्र के मटकुट्टा गांव निवासी संजय चौहान की बेटी सुनीता (14), सरस्वती (8), अपनी चचेरी बहन प्रतिमा (12) और खुशबू (11) को लेकर गांव के 12 किशोरियों के साथ ऑटो रिक्शा से गंगा स्नान के लिए कैली घाट गई थी। यहां गंगा में स्नान करते समय प्रतिमा और खुशबू डूबने लगी। दोनों को बचाने के चक्कर में सरस्वती भी गहने पानी में चली गई। किशोरियों का शोर सुनकर मौके पर मौजूद मल्लाह तीनों को बचाने के लिए नदी में कूद गए। मल्लाहों ने प्रतिमा और खुश्बू को तो बचा लिया लेकिन सरस्वती को बचाने में असफल रहे। सूचना पर पहुंची पुलिस ने भी गोताखोरों की मदद से सरस्वती की तलाश शुरू की। देर शाम तक सरस्वती का कुछ पता नहीं चला। चार भाई बहनो में सरस्वती सबसे छोटी थी। घटना की सूचना से सरस्वती के परिजनों में कोहराम मच गया।



इनसेट

स्नान पर्व पर भी कैली घाट पर नहीं थे सुरक्षा के इंतजाम
कैली गंगा घाट पर श्मशान घाट के अलावा कार्तिक पूर्णिमा पर गंगा स्नान, छठ पूजा के दौरान हजारों की संख्या में एकत्र हाेती है, लेकिन शासन प्रशासन की ओर से यहां सुरक्षा के कोई इंतजाम नहीं किए जाते। सुरक्षा के पर्याप्त व्यवस्था नहीं रहने के कारण अक्सर इस तरह की घटना होती रहती है। ग्राम प्रधान जवाहिर, सरवन यादव सहित अन्य लाेगों ने स्नान पर्व पर घाट पर पर्याप्त सुरक्षा और गंगा में गोताखोरो की मांग कई बार की है लेकिन सुनवाई नहीं हुई।
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