जिला उद्योग बंधु एवं औद्योगिक व्यापारिक सुरक्षा फोरम की बैठक मंगलवार को
विकास भवन सभागार में मुख्य विकास अधिकारी जगदीश सिंह की अध्यक्षता में
हुई।
इसमें उद्यमियों ने औद्योगिक क्षेत्र में फायर स्टेशन बनाने
की मांग की। साथ ही अन्य समस्याओं और पूर्व में प्रस्तावित कार्य योजनाओं
पर चर्चा की गई।
रामनगर स्थित औद्योगिक क्षेत्र की समस्याओं की तरफ
सीडीओ का ध्यान आकृष्ट कराते हुए उद्यमियों ने बताया कि औद्योगिक क्षेत्र
में फायर स्टेशन की स्थापना की मांग बराबर की जाती रही है। अग्निशमन विभाग
द्वारा छह हजार वर्ग मीटर भूमि की आवश्यकता बताई गई है, जबकि तीन हजार वर्ग
मीटर भूमि वर्तमान में उपलब्ध है। जिसका चिह्नांकन किया जा चुका है।
लेकिन
मुख्यालय से अनुमति प्राप्त नहीं होने के कारण अग्निशमन विभाग को पत्र
प्रेषित नहीं किया जा सका। कहा कि रामनगर फेज-2 में नालियों को बनवाने के
संबंध में पिछली बैठक में क्षेत्रीय प्रबंधक यूपीएसआईडीसी ने अनुरोध किया
था कि इसके लिए 65 एकड़ भूमि का अधिग्रहण किया गया है, लेकिन गांव वाले
हाईकोर्ट चले गए हैं। क्षेत्रीय प्रबंधक ने गांव वालों को बुलाकर समझौता
कराने का प्रयास किया।
कहा कि मामला अभी भी सुलझ नहीं पाया है और पानी
निकासी की व्यवस्था नहीं होने से उद्यमियों को परेशानी हो रही है।
उद्यमियों
ने पराग के पीछे स्थापित औद्योगिक इकाइयों की समस्याओं के संदर्भ में अवगत
कराते हुए कहा कि यहां एक किमी सड़क बनाई जानी चाहिए।
सड़क काफी खराब होने
से कई इकाइयां प्रभावित हो रही हैं। अत: नाली एवं रोड हेतु मंडी समिति से
आंकलन प्राप्त कर सड़क निर्माण की योजना को मूर्त रूप देने की मांग की गई।
इस दौरान विद्युत स्वीकृत एवं कनेक्शन हेतु लंबित आवेदनों पर भी चर्चा की
गई।
साथ ही उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड में अनापत्ति प्रमाण पत्र
एवं सहमति पत्र हेतु लंबित आवेदनों और महिला उद्यमी ब्याज उपादान योजना
अंतर्गत लंबित आवेदन पत्रों पर विस्तारपूर्वक चर्चा हुई। सीडीओ ने उपस्थित
अधिकारियों को निर्देश दिया कि समस्याओं के निराकरण के लिए तत्काल प्रयास
करें।
इस अवसर पर रामनगर इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के अध्यक्ष देव भट्टाचार्या,
जितेंद्र सिंह, चंद्रेश्वर जायसवाल, सुरेश पटेल, वाईपी सिंह, रमेश वाधवानी,
संदीप सिंह, पीयूष, विनोद आदि रहे।