मंडल लोको अस्पताल के आपरेशन थिएटर में एक मरीज के आपरेशन के पांच मिनट
पूर्व मंगलवार की दोपहर लगभग बारह बजे एसी में शार्ट सर्किट होने से आग लग
गई।
जिससे वहां मौजूद अस्पताल कर्मियों में खलबली मच गई। धुएं के
गुबार के बीच विद्युत कनेक्शन को बंद कर दिया गया।
वहीं फायर ब्रिगेड की
टीम ने जल्द ही आग पर काबू पा लिया। इस दौरान ओटी में मौजूद सामान भी जल
गए। सूचना पाकर मंडल के आलाधिकारी भी मौके पर पहुंचे और घटना की जानकारी
ली।
मंगलवार की दोपहर बारह बजे मंडल लोको अस्पताल में एक मरीज का आपरेशन
होना था। जिसके लिए आपरेशन थिएटर में तैयारियां चल रही थीं। उसी दौरान
वहां लगे एसी से चिंगारी निकलने लगी और देखते ही देखते एसी में आग लग गई।
जिससे वहां कार्य कर रहे स्वास्थ्य कर्मी बाहर निकल गए।
इसकी सूचना
उच्चाधिकारियों को दी गई। जिसके बाद पूरे अस्पताल का विद्युत कनेक्शन काट
दिया गया। अस्पताल कर्मी अपने स्तर से भी आग बुझाने का प्रयास करने लगे,
लेकिन कमरे में इतना धुआं भर गया था कि सफल नहीं हो सके। धुएं को बाहर
निकालने के लिए कमरे के बाहर खिड़की पर लगे शीशों को भी तोड़ दिया गया। इस
बीच अस्पताल के गलियारे में घुआं फैल गया। जिससे मरीजों में भी अफरातफरी मच
गई।
थिएटर से सटे आईसीयू वार्ड में भर्ती एक मरीज को कर्मियों ने फौरन
दूसरे वार्ड में शिफ्ट कर दिया। आग लगने के आधे घंटे बाद फायर ब्रिगेड
कर्मी मौके पर पहुंचे और करीब 15 मिनट में पानी और बालू की मदद से आग
बुझाई। लोको अस्पताल में मानस नगर कालोनी निवासी तारक के आपरेशन की
तैयारियां चल रही थीं कि एसी में आग लग गई। यदि यह घटना आपरेशन के दौरान
होती, तो बड़ी घटना हो सकती थी।
अस्पताल पहुंचे अपर मंडल रेल प्रबंधक बीआर
विप्लवी ने घटना स्थल जायजा लिया।
इनसेट
आग बुझाने का संयंत्र नहीं चला पाए
मुगलसराय।
स्थानीय रेलवे मंडल कार्यालय के बंद एसी कमरों में आए दिन होने वाले
सुरक्षा सेमिनार और उस पर खर्च होने वाली रकम की हकीकत मंगलवार को मंडल
लोको अस्पताल में हुए हादसे के दौरान सामने आ गई। आग लगने के बाद अस्पताल
में मौजूद कोई कर्मचारी आग बुझाने का संयत्र चालू नहीं कर पाए।
जबकि
सुरक्षा के प्रति रेलकर्मियों को जागरूक करने के साथ ही उन्हें इसकी
ट्रेनिंग दिये जाने के लिए संरक्षा विभाग बनाया गया है। इस संबंध में
एडीआरएम वीआर विप्लवी ने बताया कि जल्द ही विभाग की तरफ से अस्पताल
कर्मियों को प्रशिक्षित किया जायेगा।
साथ ही उनके हस्ताक्षर भी लिये
जाएंगे, जिससे यह तय हो सके कि सभी की ट्रेनिंग सही रूप से हुई है।