दुर्गा श्रीवास्तव, आरोपी सिपाही, परिवहन विभाग, स्रोत:-जागरूक पाठक
पीडीडीयू नगर। ट्रकोंं की इंट्री के नाम पर छह लाख कैश और 90 हजार ऑनलाइन लिए जाने और प्रति ट्रक पांच हजार रुपये मांगने के आरोप में पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर परिवहन विभाग के सिपाही दुर्गा श्रीवास्तव को गिरफ्तार कर लिया।
गाजीपुर के नोनहरा थाना क्षेत्र के नसीरपुर गांव के रहने वाले सुनील कुमार यादव ने चंदौली कोतवाली में 11 मार्च को तहरीर देकर आरोप लगाया था कि उनकी फर्म से 20 ट्रकें जुड़ी हैैं। जो कि अलग-अलग जनपदों से गिट्टी लाकर बेचते हैं। आरोप लगाया कि जिले के एआरटीओ विभाग का सिपाही दुर्गा श्रीवास्तव ने ट्रकों को बेवजह रास्ते में रोककर पैसा वसूलने के लिए चालान काट चुका है। 19 फरवरी की देर रात एआरटीओ सिपाही दुर्गा श्रीवास्तव ने चंदौली मिर्जापुर बार्डर बरईपुर के पास खड़ी ट्रक को जबरदस्ती खींचकर ले आया। इस दौरान उनके ट्रक चालक ने जब सिपाही से फोन पर बात कराई तो उसने हर महीने पांच हजार रुपये पर ट्रक एंट्री करवाने की बात कही। आरोप लगाया कि एंट्री का रुपया नहीं देने पर ट्रक का चालान कर उसे औद्योगिक नगर पुलिस चौकी में खड़ा करा दिया। इसके वे और उनके रिश्तेदार 90 हजार रुपये ऑनलाइन दुर्गा श्रीवास्तव द्वारा भेजे गये क्यूआर कोड के स्कैनर पर भेजा। दुर्गा लगातार उन्हें रुपये के लिए परेशान करने लगा। इस मामले में प्राथमिकी दर्ज कर पुलिस ने बृहस्पतिवार को आरोपी सिपाही को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।
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सिपाही का ऑडियो भी हुआ वायरल
परिहवहन विभाग के सिपाही दुर्गा श्रीवास्तव का ऑडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। ऑडियो में वह पीड़ित से पांच हजार रुपये की मांग करता सुनाई दे रहा है। यहां तक कि सिपाही की ओर से पीड़ित से दो दिनों के भीतर सेटेलमेंट किये जाने की भी बात कही है। संवाद
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एडीजी के हस्तक्षेप के बाद दर्ज हुई प्राथमिकी
गाजीपुर के रहने वाले सुनील यादव के भाई धीरज यादव ने बताया कि सिपाही दुर्गा श्रीवास्तव को विभिन्न किस्तों में छह लाख रुपये दे चुके थे। उनकी गाड़ियां सिर्फ दस या पांच टन ही ओवरलोड होती थीं। इसके बाद भी इंट्री के नाम पर पांच हजार रुपये प्रति ट्रक मांग रहा था। इसके बाद उन्होंने एडीजी वाराणसी से मुलाकात कर आपबीती सुनाई। एडीजी ने पूरे प्रकरण को पुलिस अधीक्षक चंदौली के सुपुर्द कर दिया। ट्रक स्वामियों की ओर से दिये गये साक्ष्यों पर चंदौली कोतवाली में आरोपी सिपाही के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली गई।
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पहले भी वसूली के आरोप, एक को हो चुकी है जेल
जिले में परिवहन विभाग के अधिकारियों पर वसूली के आरोप पहले भी लगते रहे हैं। पूर्व में एआरटीओ आरएस यादव और एआरटीओ विनय कुमार सिंह पर भी अवैध वसूली के गंभीर आरोप हैं। एआरटीओ आरएस यादव का मामला काफी चर्चित रहा था। उन पर ट्रांसपोर्टरों से वसूली के आरोप लगे थे, कार्रवाई के दौरान उन्हें जेल भी जाना पड़ा था। जांच के दौरान उनके पास से करोड़ों रुपये की संपत्ति का भी खुलासा हुआ था, जिसने पूरे मामले को और गंभीर बना दिया। इसी तरह एआरटीओ विनय कुमार सिंह पर भी वसूली का आरोप है। मामलों के सामने आने के बाद परिवहन विभाग की कार्यप्रणाली को लेकर भी सवाल उठे थे।
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आरोपी सिपाही के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है । मामले की जांच की जा रही है उसमें शामिल अन्य लोगों के खिलाफ भी आगे कार्रवाई की जाएगी। देवेंद्र कुमार, सीओ सदर, चंदौली