कृषि विज्ञान केंद्र प्रक्षेत्र पर ड्रोन से उर्वरक का छिड़काव करते इफको के अधिकारी। संवाद
चंदौली। कृषि विज्ञान केंद्र के प्रक्षेत्र पर शुक्रवार को इफ्को की ओर से नैनो यूरिया, नैनो डीएपी, नैनो जिंक एवं सागरिका का ड्रोन के माध्यम से छिड़काव किया गया। इस दौरान इफको के अधिकारियों ने बताया कि खेती में तरल उर्वरकों के प्रयोग से किसानों की आय दोगुनी करने में सहायक सिद्ध होगी। इस तकनीकी से किसानों की कृषि लागत में कमी आएगी और मिट्टी को स्वस्थ बनाएगा और जब तक मिट्टी स्वस्थ रहेगी, तभी आपकी फसल भी स्वस्थ रहेगी।
इस दौरान इफ्को के क्षेत्रीय प्रबंधक ने बताया कि नैनो की छिड़काव के लिए जिले में ड्रोन उपलब्ध है। यह कम दर पर उपलब्ध है जो किसान इच्छुक हो वह ड्रोन से नैनो डीएपी, नैनो यूरिया व सागरिका का छिड़काव कर सकते हैं। कृषि विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं अध्यक्ष डॉ. नरेंद्र रघुवंशी ने बताया कि धान की खेती में नैनो यूरिया 75 या 3 ढक्कन एव उसमे 15 नैनो जिंक प्रति टंकी (15 लीटर) का उपयोग करने के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने आगे आनी वाली फसल गेहू में नैनो डीएपी 5 उस प्रति किलो से बीज उपचार करने के बारे में बताया। बाद में नैनो यूरिया, नैनो डीएपी एव सागरिका का स्प्रे करने के बारे में विस्तार से बताया गया। इफको के क्षेत्रीय प्रबंधक अभिषेक त्रिपाठी ने बताया कि इससे लागत में कमी आती है और किसानों की आय में वृद्धि होती है। डाॅ. चंदन सिंह वैज्ञानिक मृदा विज्ञान ने बताया कि इससे पोषक तत्वों की उपयोगिता निरंतर बनी रहती है। इससे पौधे स्वस्थ एवं उत्पादन अच्छा होता है। इस परीक्षण से किसानों को नैनो उर्वरको के प्रयोग के प्रति जागरूकता एवं विश्वास बढ़े साथ ही इसका उपयोग किसान भाई ज्यादा से ज्यादा करें। इस दौरान वरिष्ठ वैज्ञानिक डाॅ.अभयदीप, डॉ. चंदन, डॉ. अमित, डाॅ. प्रतीक, डाॅ. मनीष व इफको के मयंक सिंह, अनिल आदि उपस्थित रहे।