किसान केदार यादव ने कहा कि वर्तमान में समितियों पर खाद गायब है। जो खाद समितियों पर 270 रुपये बोरी मिलनी चाहिए। वह निजी दुकानों पर 350 से 460 रुपये बोरी तक बेची जा रही है। परशुराम शर्मा ने कहा कि समितियों पर चंद बोरी यूरिया खाद आती है और किसानों को लाइन में खड़ा होकर लेना पड़ता है।
किसान दशरथ ने बताया कि बड़े-बड़े किसान समितियों पर खाद आते ही अपनी पैरवी लगाकर ज्यादातर यूरिया की बोरी ले लेते हैं। छोटे-छोटे किसानों को मजबूरी में प्राइवेट दुकानों पर ऊंचे दामों में खरीदना पड़ता है।
सहायक निबंधक के संयुक्त आयुक्त अजय कुमार मौर्य ने बताया कि शिवपुर में 1300 एमटी (मीट्रिक टन) यूरिया का रैक लगा हुआ है। समितियों पर मांग के अनुसार चेक मंगवाकर खाद भेजी जा रही है। पहले भी 500 एमटी खाद आई थी। जिले में खाद की कोई कमी नहीं है।