नौगढ़। काशी वन्यजीव प्रभाग अंतर्गत वन क्षेत्रों में बने बंधियों और नालों सहित अन्य वेट लैंड्स के पानी में प्रदूषण की जांच की जाएगी। इसके लिए उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण से संबंधित प्रयोगशालाओं में पानी की गुणवत्ता की जांच की जाएगी। इसके लिए चिह्नित वेटलैंड्स से पानी के सेंपल एकत्र करने की शुरूआत मंगलवार को हुई।
वन क्षेत्राधिकारी नौगढ़ रिजवान अहमद ने बताया कि इलाके में बने बांधों, बंधियों, नालों में पानी के प्रदूषित होने की शिकायत मिल रही है। प्रदूषित पानी न सिर्फ जानवरों, पशु पक्षियों के लिए नुकसान देह है बल्कि इंसानों पर भी इसका खराब असर पड़ेगा। इसी को देखते हुए रामनगर के डीएफओ महावीर कौजलगी के निर्देश पर चकिया और नौगढ़ के वन क्षेत्रों में बने बंधियो और नालों व अन्य वेटलैंड्स के जल का सैंपल एकत्र किया जा रहा है। इसे उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण से संबंधित प्रयोगशाला में पानी की गुणवत्ता परीक्षण के लिए भेजा जाएगा। वन प्रभाग के चकिया रेंज में 10 ,चंद्रप्रभा रेंज में 13 ,नौगढ़ रेंज में 13 ,जयमोहनी रेंज में 11 , मझगाई में आठ सहित कुल 55 वेटलैंड्स चिन्हित किए गए हैं। इसमें नौगढ़ बांध भी शामिल है। चिन्हित बंधियो और नालो में से एक लीटर की बोतलों मे पानी का सैंपल भरकर वन क्षेत्राधिकारी के द्वारा प्रभागीय कार्यालय रामनगर में भेजा जा रहा है। अधिकारियों के निर्देश पर वन दरोगा, वनरक्षक सैंपल को बोतलों में भर रहे हैं। बताया कि वेटलैंड बंधियों और नालों के जल प्रदूषित मिलने पर प्रदूषण विभाग के उसे स्वच्छ, निर्मल और गुणवत्ता परक बनाने का प्रयास करेगा।