बबुरी थाना के पकड़ी गांव के पास चकिया-पं. दीनदयाल उपाध्याय नगर मार्ग पर सोमवार की दोपहर में पिकअप के धक्के से बाइक सवार महिला और उसके दो वर्षीय मासूम बेटे की मौत हो गई। महिला अपने मासूम बेटे को लेकर पिता के साथ गौड़िहार गांव में दवा लेने जा रही थी। इस घटना में पिता भी जख्मी हैं।
मिर्जापुर जिले के अहरौरा थाना अंतर्गत बेलखरा गांव निवासी दधिबल मौर्य (55) के बेटी ममता (35) की शादी मिर्जापुर के ही जमालपुर निवासी अखिलेश मौर्य से हुई थी। अखिलेश दूसरे प्रदेश में रहकर काम करता है। अखिलेश और ममता का इकलौता पुत्र दक्ष (02) बीमार चल रहा था। सोमवार की सुबह ममता अपने बेटे दक्ष के साथ क्षेत्र के तिलौरी गांव में अपने रिश्तेदार के यहां आई थी।
यहीं पर ममता के पिता दधिबल और मां संगीता भी आई थी। दोपहर में दधिबल बाइक से अपनी बेटी और नाती को लेकर इलाज के लिए गौडि़हार के लिए चल दिए। अभी वे बबुरी थाना के पकड़ी गांव के पास पहुंचे थे तभी पीछे से आ रहे तेज रफ्तार पिकअप ने बाइक में टक्कर मार दी। इससे तीनों गंभीर रूप से जख्मी हो गए।
घटना के बाद जुटे लोगों ने पिकअप चालक को पकड़ लिया। मौके पर पहुंची पुलिस ने तीनों घायलों को चकिया स्थित जिला संयुक्त चिकित्सालय पहुंचाया। यहां इमरजेंसी में तैनात चिकित्सक डॉ. सीएपी सिन्हा ने ममता और दक्ष को मृत घोषित कर दिया। बाइक चालक दधिबल का इलाज जिला संयुक्त चिकित्सालय में चल रहा है।
पुलिस ने मृतकों के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। इस संबंध में बबुरी थानाध्यक्ष सूर्य प्रकाश मिश्र ने बताया कि सड़क दुर्घटना में मां बेटे की मौत हुई है। दुर्घटना करने वाले पिकअप चालक के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। वहीं सूचना पर चकिया के भाजपा विधायक कैलाश आचार्य, भाजपा जिलाध्यक्ष काशीनाथ सिंह ने अस्पताल पहुंच कर जानकारी ली।
उन्होंने ममता और दक्ष की मौत की जानकारी होने पर दुख जताते हुए परिजनों को ढांढस बंधाया। इस दौरान डॉ. प्रदीप मौर्या, जिला पंचायत सदस्य दीपक पासवान, कैलाश जायसवाल, तिलौरी पूर्व प्रधान संजय मौर्य आदि रहे।
शादी के 12 वर्ष बाद दक्ष का हुआ जन्म, मां के साथ हुई मौत
चकिया। शादी के 12 वर्ष बाद ममता की गोद हरी हुई और दक्ष का जन्म हुआ। वहीं सोमवार को मां की गोद में ही उसकी जान गई। मां बेटे की मौत से परिवार वालों में कोहराम मचा हुआ है। अस्पताल पहुंचे परिजनों ने बताया कि दक्ष को इलाज के लिए गौड़िहार ले जाना हुआ तो दघिबल के साथ उसकी पत्नी संगीता जाने लगी।
उसने अपने नाती दक्ष को गोद में बैठा लिया लेकिन दक्ष मां के साथ जाने की जिद पर अड़ गया। उसकी जिद के आगे नानी हार गई और बाइक से उतर गई। बाद में ममता अपने बेटे को गोद में लेकर गौड़िहार के लिए चली।