मुआवजा और परिवार के सदस्य को नौकरी देने की मांग पर रेल फ्रेट कारीडोर योजना से प्रभावित किसानों ने गुरुवार को अखिल भारतीय किसान महासभा के बैनर तले छितों गांव के सामने हाईवे पर रेल कारीडोर का पुतला फूूंका। नारेबाजी के बीच किसानों ने अधिकार मिलने तक संघर्ष जारी रखने का एलान भी किया।
सभा में किसानों ने विचार रखते हुए कहा कि कानून को दरकिनार कर बहुफसली जमीन के अधिग्रहण का फरमान जारी किया गया है।
किसानों की जमीन का सौदा रेल प्रशासन और किसानों के बीच एडीएम कोर्ट में हुआ था। उसके अनुपालन से प्रशासन पीछे हट रहा है।
पुलिस के डंडे का भय दिखाकर किसानों की जमीन पर काम भी लगा दिया गया है और भूमि अधिकार सम्मेलन के मांगपत्र को रद्दी की टोकरी में डाल दिया गया।
जबरिया अधिग्रहण के पक्ष में केंद्र की मोदी सरकार और खुद को किसानों का हितैषी बताने वाली प्रदेश सरकार एक साथ हैं।
किसानों ने चेतावनी देते हुए कहा कि सरकारें चाहे जो कर लें लेकिन जब तक किसानों को उनका समूचा हक नहीं दिया जाएगा आंदोलन जारी रहेगा।
किसान जनजागरण यात्रा की कड़ी में 25 फरवरी को छितों में ही जनसभा करके जिला प्रशासन को घेरा जाएगा और अनिश्चितकालीन धरना शुरू होगा।
कहा कि किसान अपनी हक की आवाज को लगातार बुलंद करते रहेंगे। वह अपना हक पाकर ही रहेंगे।
इस अवसर पर शशिकांत सिंह, रमेश राय,
दिनेश मौर्य, राहुल सिंह, मनोज मौर्य, जुगनू, किस्मत, हरवंश के साथ ही काफी संख्या में किसानों की मौजूदगी रही। अध्यक्षता शांति देवी और संचालन शिवाधार ने किया।