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कृषि कानूनों के विरोध में किसानों ने जुलूस निकाला

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चकिया। दिल्ली में आंदोलनरत संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर शनिवार को किसानों ने सिकंदरपुर पटेल चौराहे से जुलूस निकाला। इसके बाद किसानों ने सभा कर कानूनों के विरोध में आवाज बुलंद की। इसके बाद किसानों ने राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन तहसीलदार फूलचन्द यादव को सौंपा। वहीं मां काली पोखरे पर भी दूसरे किसान संगठन ने सभा कर नए कृषि कानूनोें के खिलाफ विरोध जताया।
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भारतीय किसान यूनियन की ओर से पटेल चौराहे पर आयोजित सभा में वक्ताओं तीनों कृषि कानूनों को वापस लेने की मांग की। किसानों ने अब तक धान की खरीद न होने तथा क्रय केंद्रों पर बिचैलियों का धान खरीदने की सूचना पर व्यापक आंदोलन करने की चेतावनी दी। कहा कि धान खरीदने में पांच किलोग्राम प्रति क्विंटल धान की कटौती करना ठीक नहीं है। सभा में किसानों ने चकिया स्थित सिंचाई कालोनी में अधिकारियों की उपस्थित न रहने से किसानों को हो रही परेशानी के मामले को भी उठाया। सभा को संगठन के तहसील अध्यक्ष वीरेंद्र पाल, देशराज सिंह, राजनाथ सिंह, रामसूरत सिंह, ओमप्रकाश पटेल, सुनील सिंह, वरुण दूबे ने संबोधित किया।
चकिया। दिल्ली की सीमा पर आंदोलनरत संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर शनिवार को अखिल भारतीय किसान सभा, उत्तर प्रदेश किसान सभा, मजदूर किसान मंच, अखिल भारतीय खेत एवं मजदूर सभा, खेत मजदूर यूनियन, सीटू के कार्यकर्ताओं ने चकिया माँ काली जी के पोखरे से जुलूस निकाला। नगर भ्रमण के बाद सभी ने गांधी पार्क में सभा कर कृषि कानूनों को किसान विरोधी करार दिया। किसान नेताओ ने कहा कि केंद्र सरकार ने किसानों को बर्बाद करने के लिए कृषि कानून बनाये है। जिससे किसानों को और गरीब तथा लाचार बनाने का प्रयास किया जा रहा है। वक्ताओं ने कहा कि काले कानूनों को वापस लेने तक किसानों का आंदोलन जारी रहेगा। सभा में परमानंद सिंह, शुकदेव मिश्र, लालचंद सिंह, अनिल पासवान, अजय राय, लालमनी विश्वकर्मा, शम्भूनाथ यादव, शिवमूरत राम, रामनिवास पाण्डेय, रामायण राम, महानन्द, जैनाथ सहित तमाम लोगो ने विचार व्यक्त किये। अध्यक्षता परमानन्द ने की । संचालन लालचंद एडवोकेट ने किया।
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