इलिया में सूखी बने रजवाहा। संवाद
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इलिया। किसान विकास मंच के कार्यकर्ता सोमवार को बेन गांव स्थित रजबाहे पर पहुंचे। रजबाहे में निर्धारित मात्रा से कम पानी मिलने पर उन्होंने नाराजगी जताई। किसानों की समस्या सुनने के बाद मंच के पदाधिकारियों ने चेतावनी दी कि यदि शीघ्र पर्याप्त पानी नहीं छोड़ा गया तो किसानों के साथ आंदोलन किया जाएगा।
कार्यकर्ताओं ने कहा कि बेन हेड से साढ़े तीन फीट पानी छोड़े जाने पर ही पूरे कमांड एरिया में सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी पहुंचता है, जबकि वर्तमान में केवल डेढ़ से दो फीट पानी ही छोड़ा जा रहा है।
सबसे अधिक परेशानी बटौवा फाल से नीचे स्थित खिलची, रजडीहा, परमानंदपुर, बरियारपुर, रोहाखी, खखड़ा, कुसहां और पचपरा गांवों में हो रही है। यहां धान की रोपाई प्रभावित है। किसानों का कहना है कि बेन रजबाहे की क्षमता 125 क्यूसेक पानी वहन करने की है, जबकि वर्तमान में इसमें 100 क्यूसेक पानी ही छोड़ा जा रहा है।
किसानों ने अधिशासी अभियंता हरेंद्र कुमार से फोन पर बातचीत कर पूछा कि बांध में पर्याप्त पानी उपलब्ध होने के बावजूद नहर में पर्याप्त पानी क्यों नहीं छोड़ा जा रहा है।
इस दौरान सुरेश मौर्य, राजेश्वर सिंह, सुरेश मौर्य, दयाराम मौर्य, पिंटू सिंह, अमित आदि किसान मौजूद रहे। इस संबंध में सिंचाई विभाग के अवर अभियंता विकास कुमार ने बताया कि बांध में पानी की मात्रा कम होने के कारण नहर को पर्याप्त पानी नहीं मिल पा रहा है। संवाद