। विंध्य एक्सप्रेस-वे परियोजना के लिए प्रस्तावित भूमि अधिग्रहण के विरोध में किसानों ने मोर्चा खोल दिया है। रविवार को बरहनी स्थित मां मंशादेवी पीजी कॉलेज में किसानों ने प्रेस वार्ता कर आंदोलन की चेतावनी दी। किसान नेताओं ने दो टूक कहा कि किसी भी कीमत पर क्षेत्र की उपजाऊ कृषि भूमि का अधिग्रहण नहीं होने दिया जाएगा। भूमि बचाने की लड़ाई को अंतिम सांस तक जारी रखने का संकल्प लिया।
किसान नेता अशोक सिंह ने कहा कि विंध्य एक्सप्रेस-वे के लिए जिन गांवों की भूमि चिह्नित की गई है, वह अत्यंत उपजाऊ और हजारों परिवारों की आजीविका का मुख्य स्रोत है। ऐसे में भूमि अधिग्रहण से किसानों के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो जाएगा। जमीन बचाओ संघर्ष समिति के अध्यक्ष महेश्वर सिंह ने कहा कि किसान अपनी जमीन को मां के समान मानते हैं और इसके लिए किसी भी प्रकार का संघर्ष करने को तैयार हैं। प्रशासन और सरकार किसानों की भावनाओं को समझने के बजाय जबरन भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया आगे बढ़ा रहा है। किसान इसका पुरजोर विरोध करेंगे। किसान नेता सुमंत सिंह अन्ना ने कहा, हम किसान कटेंगे, मरेंगे, आंदोलन करेंगे लेकिन किसी भी कीमत पर अपनी जमीन अधिग्रहित नहीं होने देंगे। कहा कि गांव -गांव जनजागरण अभियान चलाकर व्यापक आंदोलन शुरू किया जाएगा। इस मौके पर डॉ. समर बहादुर सिंह, संत विलास सिंह, अरुण सिंह, समरेंद्र सिंह, लल्ला सिंह, ज्ञान प्रकाश सिंह, दुर्गादत्त तिवारी, आलोक सिंह, निखिल सिंह माैजूद रहे।