गांवों में आपदा राहत चेक का वितरण न होने से नाराज किसानों ने रविवार को
मझिलेपुर गांव के समीप चहनियां मार्ग पर हनुमान मंदिर के समीप प्रशासन के
विरोध में प्रदर्शन किया।
प्रदर्शनकारियों का कहना था कि राज्य और
केंद्र के झगड़े में किसानों का नुकसान हो रहा है। उन्होंने कहा कि जिन
गांवों के किसानों को आपदा राहत चेक नहीं मिला है उन्हें एक जुट होकर
संघर्ष करने की आवश्यकता है। किसानों ने चक्का जाम करने का भी प्रयास किया
मगर मारुफपुर चौकी इंचार्ज के समझाने पर वे मान गए।
इसके पूर्व हुई सभा
में किसानों ने कहा कि असमय हुई बारिश से रबी की फसल पूरी तरह बर्बाद हो
गई। केंद्र और राज्य सरकार ने वाहवाही लूटने के लिए तुरंत ही मुआवजा का
ऐलान भी कर दिया। कुछ गांवो में राहत चेक बांटा भी किया।
इसके बाद चेक
वितरण नियम में बदलाव कर दिया गया। चहनियां ब्लाक में मझिलेपुर, मारुफपुर,
नदेसर सहित एक दर्जन गांव के किसानों को आज तक मआवजा के नाम पर फूटी कौड़ी
नहीं मिली। किसान नई खेती के लिए भी धन नहीं जुटा पा रहे हैं।
पुराना कर्ज न
चुकने की दशा में बैंक केसीसी नहीं बना रहे हैं। किसानों से राजस्व वसूली
भी शुरू होने वाली है। कहा कि किसान मुआवजा के लिए दबाव बना रहे हैं तो
राज्य औरकेंद्र सरकार नुमाइंदे एक दूसरे पर इल्जाम लगा रहे हैं। सभा में
राहत चेक न मिलने पर बड़े प्रदशन की चेतावनी दी गई।
प्रदर्शन में संतलाल
मौर्य, हरिपूजन दुबे, गोपाल दुबे, जीबोध यादव, सागर यादव, राकेश, गोपाल,
जितेन्द्र दुबे, परशुराम कुशवाहा, पूर्व प्रधान मझिलेपुर फूलचंद यादव, सतीश
दुबे, चंद्रिका यादव, शंकर कुशवाहा आदि रहे ।