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फसलों के अवशेष से जैविक खाद बनाएं किसान: डीएम

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मुख्यालय स्थित कृषि विज्ञान केंद्र में दीप प्रज्ज्वलित कर प्रदर्शनी का शुभारंभ करते डीएम संजीव - फोटो : CHANDAULI
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चंदौली। कृषि विज्ञान केंद्र परिसर में आयोजित दो दिवसीय किसान मेला व प्रदर्शनी का बृहस्पतिवार को समापन हुआ। इस दौरान किसानों को उन्नत खेती की जानकारी दी गई। जिलाधिकारी संजीव सिंह ने दीप जला कर समापन समारोह का शुभारंभ किया।
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उन्होंने किसानों को फसल अवशेष प्रबंधन के लिए प्रेरित करने के साथ कृषि विभाग के अधिकारियों को किसानों को सब्सिडी पर यंत्र उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। कहा कि फसल अवशेष को काटकर मिट्टी में मिलाने के लिए तमाम तरह के यंत्र बनाए गए हैं। तकनीकी कृषि क्षेत्र के लिए वरदान साबित हो रही है। इससे कम समय से अधिक काम हो रहा है। वहीं खेती भी आसान हो गई है। ऐसे में किसान फसल अवशेष का इस्तेमाल जैविक खाद बनाने में करें। कहा कि कृषि विभाग के अधिकारी किसानों को सब्सिडी पर कृषि यंत्र दिलाएं। मिट्टी जितनी उम्दा होगी, उतना ही बेहतर उत्पादन भी होगा। बायो डी-कंपोजर फसल अवशेष को सड़ाने के लिए सबसे आसान तरीका है। किसान इसे जरूर अपनाएं।
काला चावल बना देश की पहचान
डीएम ने कहा कि चंदौली का काला चावल देश में पहचान बना चुका है। बीमारियों की बढ़ती तादाद और जीवनशैली में बदलाव के दौर में जैविक खेती प्रासंगिक हो गई है। इसलिए किसान जैविक खेती पर जोर दें। कम लागत में बेहतर व शुद्ध अनाज, सब्जी पैदा होगी। इसकी बाजार में अच्छी कीमत भी मिलेगी।
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