नौगढ़। केंद्र और प्रदेश में भाजपा सरकार की कृषि एवं आर्थिक नीति कारपोरेट कारोबारियों को बढ़ावा देने वाली है। सरकार की नीतियों में किसानों के लिए कोई स्थान नहीं है। इससे किसानों का भला नहीं होने वाला है। अब सरकार जमींदारी और तालुकदारी प्रथा के जरिए मुट्ठी भर लोगों को खेती करने का अधिकार देने जा रही है जो किसानों के लिए बर्बाद करने वाला है।
ये बातें विकासखंड के देवरा गांव में बृहस्पतिवार को पूर्व सांसद राकिशुन ने पत्रकारों से कही। वे गांव के पूर्व प्रधान स्व. राजेंद्र सिंह यादव की तेरही में शामिल होने आए थे। नौगढ़ में वीरेंद्र प्रताप सिंह के आवास पर आयोजित पत्रकार वार्ता में कहा कि कृषि कानूनों के लागू होने से बड़े उद्योगपतियों को लाभ होगा। देशभर के किसान ठंडी में 50 दिन से धरने पर हैं लेकिन कोई उनकी सुनने वाला नहीं है। भाजपा सरकार किसानों को फसल का न्यूनतम समर्थन मूल्य भी देने को तैयार नहीं है। किसानों से बातचीत में पता चला है कि नौगढ़ और सोनभद्र में 1300 रुपये कुंतल की दर पर भी कोई धान खरीदने को तैयार नहीं है। केंद्र सरकार कांटेक्ट खेती के नाम पर किसानों का खेत छीनने की साजिश कर रही है। उन्होंने सरकार से नए कृषि कानूनों को तत्काल वापस लिए जाने की मांग की है। साथ ही आरोप लगाया कि जंगल क्षेत्र से आदिवासियों को जल, जंगल और जमीन से बेदखल किया जा रहा है। सरकार ने अपनी नीतियों में बदलावा नहीं किया तो बड़ा आंदोलन किया जाएगा।