औद्योगिक क्षेत्र के जीवनाथपुर रेलवे स्टेशन से राल्हूपुर के के बीच बिछाई
जाने वाली नई रेलवे लाइन का विरोध करते हुए क्षेत्र के किसानों ने रविवार
की सुबह दस बजे केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर विरोध प्रदर्शन किया।
इस
दौरान खूब नारेबाजी की। किसानों की मांग है कि रेलवे लाइन न बिछाकर
जीवनाथपुर स्टेशन को यार्ड बनाकर सड़क मार्ग से माल की ढुलाई की जाए।
औद्योगिक
क्षेत्र रामनगर को प्रदेश सरकार द्वारा माडल के रूप मेें विकसित किए जाने
की कार्ययोजना के तहत यहां के उद्यमियों की मांग पर सामानों की ढुलाई के
लिए राल्हूपुर में बंदरगाह बनाने की योजना प्रस्तावित है।
इसी के तहत
रामनगर इंटस्ट्रियल एरिया से सटे जीवनाथपुर रेलवे स्टेशन को रेलवे लाइन के
माध्यम से राल्हूपुर में बनने वाले बंदरगाह से जोड़ने की योजना है। जिसके
लिए रेलवे द्वारा सर्वे कार्य कराया जा चुका है। पटनवां, हमीदपुर,
गोपालपुर, मनकू गांव के सैकड़ों किसानों का कहना है कि रेलवे लाइन
बिछाने से किसानों की सैकड़ों एकड़ जोत की जमीन व रिहायशी
मकान इसकी जद में आ जाएंगे। जिसकी वजह से किसानों के सामने
रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो जाएगा।
इस अवसर पर बसपा नेता व पूर्व
विधायक छब्बू पटेल ने रेलेवे स्टेशन से बंदरगाह तक सड़क मार्ग से सामानों
की ढुलाई करने की मांग की। कहा कि जीवनाथपुर रेलवे स्टेशन का चौड़ीकरण कर
उसमें यार्ड बनाकर माल ले आने व ले जाने की व्यवस्था की जाए। इस व्यवस्था
से किसानों की बहुफसली जमीन भी नहीं जाएगी।
वहीं ग्रामप्रधान चंद्रभानु
यादव ने कहा कि औद्योगिक क्षेत्र की स्थापना करने के बाद से यहां के
किसानों की सैकड़ों एकड़ जमीन पहले की सरकार द्वारा अधिग्रहीत की जा चुकी
है। अब पुन: सरकार रेलवे लाइन बिछाने के लिए किसानों की जमीन हथियाने की
योजना बना रही है।
किसानों ने औद्योगिक क्षेत्र के चौकी प्रभारी राणा
प्रताप सिंह को जिलाधिकारी के नाम पत्रक सौंपा। इस अवसर पर हरिद्वार पटेल,
चंद्रभानु, ओमप्रकाश, मो. नदीम, सोहनलाल यादव, मुन्नी, शांति, कौशल्या सहित
सैकड़ों की संख्या में पुरुष व महिला किसान शामिल रहे।