नौगढ। किसान उत्पादकता समूह (एफपीओ) बनाने और किसानों की आमदनी बढ़ाने के साथ कृषक उत्पादक संगठन के क्षमता विकास व संवर्धन के लिए बुधवार को मलेवर गांव में जिला विकास प्रबंधक (नाबार्ड) तनुज कुमार सेन की अध्यक्षता में किसान उत्पादक समूह का गठन किया गया।
आंगनबाड़ी केंद्र मलेवर पर स्वयंसेवी संस्था प्रोग्रेसिव रिसर्च आरगनाईजेशन फार वेलफेयर की ओर से आयोजित बैठक में मुख्य अतिथि तनुज कुमार ने बताया कि वर्ष 2020 में गैर-कृषि क्षेत्र में बढ़ावा देने के लिए केंद्र सरकार की ओर से दिए गए लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए प्रोग्रेसिव रिसर्च आर्गेनाइजेशन फॉर वेलफेयर को नौगढ के इलाके में बकरी पालन और विशेष रूप से छोटे व सीमांत किसानों की आमदनी बढाने के लिए किसान उत्पादक संगठन का गठन किया जा रहा है। कहा कि नाबार्ड का प्रयास है कि गरीबों की आय बढाने के लिए खेती की लागत को कम करना जरूरी है। कृषि एवं गैर कृषि से संबद्ध बकरी व मुर्गी पालन, पशुपालन, खाद्य प्रसंस्करण, मार्केट प्रणाली के माध्यम से किसानों की प्रगति के लिए किसान उत्पादक समूह का अधिक संख्या में गठन किया जाएगा। इस उत्पादक समूह का कंपनी अधिनियम के तहत पंजीकरण किया जाएगा। साथ ही क्षेत्र के 500 प्रगतिशील किसानों को चयन कर संगठन बनाना होगा। यह किसानों की कंपनी होगी जिसमें किसान शेयर धारक होंगे। कहा कि किसानों के लिए उत्पादक समूह क्लस्टर का चयन, किसान उत्पादक संगठन, बीज से लेकर बाजार तक सेवाएं देने का कार्य करेगा 7 साथ ही उत्पादकता बढाने के लिए मिटटी, सिचाई, बीज, उर्वरक, कीटनाशक, आधुनिक तकनीकी के लिए कार्य करेगा ताकि कृषकों की आय वर्ष 2022 तक दोगुनी की जा सके। संस्था के कोऑर्डिनेटर जनार्दन सिंह व प्रभात सिंह ने किसान उत्पादक समूह गठन की प्रक्रिया, कंपनी अधिनियम, निदेशक मंडल का चयन, उत्पादक समूह के लाभ, सरकार की योजनाएं, शेयर के नियम आदि विषयों पर जानकारी दी। इस मौके पर खुनखुन राम, राजू सहित अन्य किसान मौजूद रहे।