नियामताबाद विकासखंड के लेड़ुवापुर गांव में जमीन की पैमाइश न किए जाने से
क्षुब्ध होकर एक परिवार मंगलवार को आत्मदाह की नीयत से 14 सदस्यों सहित
केरोसिन लेकर धरने पर बैठ गया।
ग्राम प्रधान गुफरान सिद्दीकी ने
मौके पर पहुंचकर नायब तहसीलदार से बातचीत की और शीघ्र ही जमीन की पैमाइश
करने का भरोसा दिलाया। जिसके बाद धरना खत्म हो गया।
पीड़ित परिवार के
मुखिया रामेश्वर यादव का कहना रहा कि उसकी जमीन पर उसके पट्टीदार जबरदस्ती
कब्जा कर रहे हैं। शिकायत के बाद भी मुगलसराय कोतवाली पुलिस कार्रवाई नहीं
कर रही है। तहसील प्रशासन भी जमीन की पैमाइश नहीं कर रहा है।
रामेश्वर
यादव की लेड़ुआपर गंाव में 12.5 विस्वा आवासीय जमीन है। इतनी ही जमीन उसके
पट्टीदारों की भी है। लेकिन पैमाइश नहीं होने की वजह से सभी अपनी-अपनी जगह
पर काबिज हैं। एक पट्टीदार पुलिस विभाग में कार्यरत है। आरोप है कि वह पूरी
जमीन पर कब्जा करना चाह रहा है।
रामेश्वर ने जमीन की पैमाइश के लिए सदर
तहसील में उपजिलाधिकारी के यहां प्रार्थनापत्र दिया था। लेकिन प्रशासनिक
तटस्थता के चलते आज तक पैमाइश नहीं की जा सकी।
पीड़ित ने बीते 27 फरवरी को
मुगलसराय कोतवाली में प्रार्थनापत्र दिया था लेकिन पुलिस ने विपक्षी पर कोई
कार्रवाई न करते हुए पीड़ित पक्ष के चार लोगों को जेल भेज दिया था।
कोई
सुनवाई न होते देख पीड़ित रामेश्वर परिवार के अन्य सदस्य राजाराम,
चंद्रिका, अनीता, उर्मिला, हीरावती, गीता, रामबाबू, हरिओम, हरिगोविंद,
शिवाजी, विद्या, निधि और अलका समेत गांव में ही आत्मदाह की नीयत से केरोसिन
लेकर बैठ गया। इस संबंध में ग्राम प्रधान गुफरान सिद्दीकी का कहना रहा कि
जमीन की पैमाइश कराने के लिए नायब तहसीलदार से बात हो गई है। शीघ्र ही
प्रशासन से मिलकर रामेश्वर के जमीन की पैमाइश कराकर विवाद को समाप्त करा
दिया जाएगा।