चंदौली। खोया, पनीर, छेना आदि में मिलावट है या नहीं इसका पता अब आम आदमी भी स्वयं लगा सकते हैं। आयोडीन टिंचर की दो बूंद डालते ही नकली खोवा, पनीर नीला पड़ जाएगा। यह जानकारी रविवार को खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन की टीम ने दी। पीडीडीयू नगर में सचल खाद्य प्रयोगशाला के माध्यम से खाद्य सामग्री में मिलावट को लेकर जागरूक करते हुए असली और नकली की पहचान की तकनीकी के बारे में जानकारी दी। खाद्य सुरक्षा अधिकारी मनोज कुमार ने बताया कि त्यौहार के दिनों में बाजार में मिलावटी मिठाई, खोया, पनीर और छेने की भरमार होती है। ऐसे में आलू, शकरकंदी या किसी बाहरी फैट की मिलावट का कारोबार तेजी से होता है। मिलावटी खाद्य सामग्री के सेवन से कैंसर जैसी बीमारी भी हो सकती है। ऐसे में मिलावट खोरों के खिलाफ जागरूक अभियान शुरू किया गया है। इसके तहत लोगों को खुद असली और नकली के पहचान के बारे में जानकारी दी जा रही है।
ऐसे करें असली और नकली का पहचान
खाद्य सुरक्षा अधिकारी ने बताया कि खोया, पनीर और छेना आदि दूध के उत्पादों से बने खाद्य पदार्थों की जांच के लिए बाजार में बिक रहे आयोडीन सॉल्यूशन का प्रयोग किया जा सकता है। दो एमएल घी में दो बूंद आयोडीन टिंचर डालने के बाद यदि खोया, पनीर और छेने का रंग नीला पड़ जाता है तो उसमें आलू, शकरकंदी या किसी बाहरी फैट की मिलावट हो सकती है। इसी तरह मिठाईयों पर लगी चांदी परत की पहचान के लिए उसे हथेली पर रगड़ने से चांदी की लेयर खत्म हो जाती है तो वो असली है, यदि परत खत्म होने के बजाए गोली बन जाती है तो वह चांदी वर्क नकली है। इसी तरह रंगीन मिठाइयां एवं अखबारी कागज में परोसे गए खाद्य पदार्थ तथा पॉलिथीन में लाई गई गर्म चाय शरीर में कैंसर पैदा कर सकता है।
इनसें करें शिकायत
खाद्य पदार्थों में किसी भी प्रकार की मिलावट की सूचना जिले के सहायक आयुक्त खाद्य द्वितीय या मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी के मोबाइल नंबर 8887890254 पर दी जा सकती है। विभाग शिकायत के के बाद कार्रवाई करते हुए शिकायतकर्ता के नाम को गोपनीय रखेगा।