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नौकरी देने वाली फर्जी फर्म का भंडाफोड़, संचालक फरार

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चंदौली। नौकरी देने और तमाम सुविधाओं के नाम पर वसूली करने वाले एक फर्जी फर्म का भंडाफोड़ हुआ है। पुलिस ने फर्म के पंफ्लेट, महिला कार्ड व ग्रामीण महिला स्वास्थ्य मिशन योजना के लिए पंजीकरण फार्म बरामद किया। छापेमारी के दौरान संचालक पुलिस को चकमा देकर निकल गया। हालांकि पुलिस भुक्तभोगियों के बयान के आधार पर छानबीन में जुटी है। शुक्रवार को एएसपी दयाराम ने मामले का खुलासा किया।
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एएसपी ने बताया कि सदर कोतवाली के बसिला गांव निवासी चंद्रशेखर मौर्या ने निशांत समाज कल्याण फाउंडेशन नामक फर्जी कंपनी बनाई है। इसमें काम करने के लिए जनपद स्तर पर जिला प्रभारी, ब्लाकों में सुपरवाइजर व गांवों में महिला मित्रों की नियुक्ति की। जालसाज ने अधिकारी व प्रशासन के सहयोग से कंपनी संचालित करने का दावा कर ग्रामीण महिला स्वास्थ्य मिशन नाम की फर्जी योजना चलाई। कर्मियों के जरिए योजना के नाम पर गांवों में सदस्य बनाए गए। महिलाओं को मुफ्त सैनेटरी नैपकीन, साल में दो बार स्वास्थ्य जांच, अल्ट्रासाउंड, एक्स-रे, स्वरोजगार के लिए लघु व कुटीर उद्योग लगाने को लोन दिलाने का झांसा देकर प्रति सदस्य 20 रुपये शुल्क वसूला गया। कंपनी संचालक ने जिला प्रभारी को 42 हजार, सुपरवाइजर को 25 हजार व महिला मित्र को 10 हजार रुपये मानदेय देने का वादा किया था, हालांकि कर्मियों को फूटी कौड़ी नहीं मिली। महिला मित्रों की ओर से वसूले गए 1.03 लाख रुपये अपने खाते में जमा करा लिए। यह आंकड़ा सिर्फ चंदौली का है। जनपद के साथ ही वाराणसी, गाजीपुर, मीरजापुर, जौनपुर समेत आसपास के 12 जिलों में फर्जी कंपनी संचालित कर रहा है। हर जिले में लोगों को झांसा देकर इसी तरह पैसा वसूला गया है। पुलिस द्वारा मामले की छानबीन की जा रही है। दूसरे जिलों से संपर्क साधा जा रहा है। ताकि फर्जीवाड़े के रैकेट का पर्दाफाश किया जा सके। पुलिस टीम में कोतवाल अशोक मिश्रा, एसआई मनोज पांडेय शामिल रहे।
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