देश का आम बजट एक फरवरी को संसद में प्रस्तुत किया जाएगा। कोरोना के तीसरी लहर के बीच पांच राज्यों में होने वाले विधान सभा चुनाव के बीच पेश हो रहे बजट से उद्यमियों को राहत की आस है। उद्यमियों का कहना है कि कोरोना काल में उद्योगों पर अत्यधिक असर पड़ा है। ऐसे में बजट में कर राहत देकर संकट से उबारा जा सकता है।
रामनगर औद्योगिक एसोसिएशन के सचिव सतीश गुप्ता ने कहा कि कोरोना की तीन लहर में सबसे अधिक प्रभावित उद्योग हुआ है। विशेष कर मध्यम उद्योग न सिर्फ सबसे अधिक लोगों को रोजगार देता है, देश के विकास में सहायक बनता है। ऐसे में बजट में विशेष प्रावधान करने की जरूरत है। विशेष कर जीएसटी में राहत की उम्मीद है। विकास चौधरी कहते हैं कि कोरोना काल में सबकी कमाई कम हुई है। ऐसे में टैक्स स्लैब बढ़ाकर आम लोगों को राहत दी जा सकती है। आशा है कि इस बार इनकम टैक्स स्लैब दस प्रतिशत ही किया जाएगा। रवि जायसवाल ने कहा कि सबसे अधिक परेशान जीएसटी की अधिक दर से है। समय से रिटर्न भी नहीं मिल रहा है। टैक्स छूट की आस है। कौटिल्य जायसवाल ने कहा कि उद्यमियों को टैक्स छूट, आयकर में छूट देकर उद्योगों को रहत पहुंचाई जा सकती है। आशा है कि वित्त मंत्री निर्मला सीताराम इस बार उद्योगों को उबारने वाला बजट पेश करेंगी।