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उपकेंद्रों पर गिरी बिजली, 200 से अधिक गांवों की आपूर्ति ठप

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पीडीडीयू नगर। तेज चमक और गरज के साथ बारिश के दौरान बिजली गिरने से मंगलवार की रात की आपूर्ति व्यवस्था चरमरा गई है। कंदवा और नियामताबाद में उपकेंद्र पर बिजली गिरने से ट्रांसफार्मर व उपकरण जल गए। इससे करीब 200 से अधिक गांवों की बिजली आपूर्ति ठप हो गई। 24 घंटे बीत जाने के बाद भी प्रभावित गांवों में आपूर्ति बहाल नहीं हो सकी है। बिजली न रहने से लोगों को इस गर्मी और उमस के बीच परेशानी भी उठानी पड़ीं। विभाग के कर्मचारी फाल्ट ढूंढने और मरम्मत में जुटे थे इसके बाद भी कई ऐसे इलाके हैं जहां आपूर्ति शुरू नहीं हो सकी है।
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नियामताबाद संवाददाता के अनुसार, क्षेत्र के बिलारीडीह सब स्टेशन और बरहुली सब स्टेशन की बिजली आपूर्ति मंगलवार शाम से बंद है। क्षेत्र के बौरी, नियामताबाद, भरछा, सरने, गौरी, बिलारीडीह, चंदरखां, गगेहरा, सुरौली, कुंडलिया, पचोखर, पांडेयपुर, रामपुर, भरतपुर, लाखापुर, सिरसी, नदेसर, बुधवार सहित लगभग 80 गांवों की आपूर्ति ठप है। 33 हजार वोल्ट के मेन लाइन के चंदौली और बिलारीडीह के खंभों पर बिजली गिरने से आधा दर्जन से अधिक इंसुलेटर जल गए हैं। बुधवार को दिन के तीन बजे लाइट आई तो ग्रामीणों ने राहत की सांस ली पर एक घंटे रहने के बाद बिजली फिर चली गई। ग्रामीण देर तक बिजली के आने का इंतजार करते रहे। बिजली विभाग के कर्मचारी बुधवार की सुबह से ही एसडीओ और जेई के साथ मेन लाइन की फाल्ट ढूंढने में लगे रहे। शाम करीब पांच बजे 25 घंटे बाद नियामताबाद क्षेत्र में आपूर्ति बहाल हो सकी।
कंदवा संवाददाता के अनुसार, अमड़ा विद्युत उपकेंद्र पर आई गड़बड़ी बुधवार को 24 घंटे बाद भी बहाल नहीं हो सकी। इससे भीषण गर्मी में लोग बेहाल नजर आए। अमड़ा विद्युत उपकेंद्र को आने वाली 33 हजार लाइन का इंसुलेटर व डिस्क बरुइन और सुढ़ना गांव के पास मंगलवार की शाम बिजली गिरने से जल गया था। जिसके चलते विद्युत उपकेंद्र से जुड़े 130 गांवों की आपूर्ति मंगलवार की शाम चार बजे से ही ठप हो गई थी। इससे 130 गांवों और 70 राजकीय और सैकड़ों निजी नलकूपों की विद्युत आपूर्ति ठप हो गई।
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अमड़ा विद्युत उपकेंद्र की मुख्य आपूर्ति गाजीपुर के जमानिया उपकेंद्र से होती है। इससे अमड़ा विद्युत के धीना, असना, रेरुआ, ककरैत, जेवरियाबाद और विश्व बैंक फीडर संचालित होते हैं। इन फीडरों से 130 गांवों के साथ 70 राजकीय नलकूपों के अलावा सैकड़ों निजी नलकूपों और विभिन्न निजी प्रतिष्ठानों को विद्युत आपूर्ति होती है। मंगलवार की शाम तेज आंधी और पानी के दौरान जमानिया से अमड़ा आने वाली 33 हजार मुख्य लाइन में बरुइन और सुढना गांव के पास बिजली गिरने से इंसुलेटर और डिस्क जल गया था। इससे आपूर्ति ठप हो गई। बुधवार को 33 हजार वोल्ट की लाइन तो ठीक हो गई लेकिन फीडरों से होने वाली आपूर्ति बहाल नहीं हो पायी। इस संबंध में जेई विद्युत कमालपुर जेके पटेल ने बताया कि बरुइन व सुढ़ना में 33 हजार लाइन का इंसुलेटर व डिस्क जलने के चलते विद्युत आपूर्ति बाधित हो गई थी। फीडरों की गड़बड़ी दूर करने के लिए विद्युतकर्मी जुटे हुए हैं।
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इनसेट
नहीं बदला गया चार दिनों से जला ट्रांसफार्मर
सकलडीहा। क्षेत्र के धमिना गांव में बिजली गिरने से 25 केवीए का ट्रांसफार्मर चार दिन पूर्व रविवार को जल गया था। इससे ग्रामीण अंधेरे में जीवन यापन करने को विवश हैं। ट्रांसफार्मर नहीं बदले जाने से ग्रामीणों में रोष व्याप्त है।
सूचना ग्रामीणों ने विभागीय अधिकारियों को दी लेकिन अभी तक ट्रांसफार्मर बदला नहीं गया है। इससे शाम ढलते ही पूरा गांव अंधेरे में डूब जा रहा है। घरों में टीवी सहित अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण ठप पड़े हुए हैं। पंप नहीं चलने से पेयजल की समस्या भी उत्पन्न हो गई है। ग्रामीण नामवर यादव, राजेश यादव, उमेश, राजकुमार सहित अन्य ने बिजली विभाग से तत्काल जला ट्रांसफार्मर बदलवाने की मांग की है। साथ ही जल्द ट्रांसफार्मर नहीं बदले जाने पर उग्र आंदोलन करने की चेतावनी दी है।
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