पीडीडीयू नगर। स्थानीय जंक्शन के डाउन यार्ड स्थित खेताड़ी केबिन के समीप बुधवार की देर रात इलेक्ट्रिक इंजन शंटिंग के दौरान बेपटरी हो गया। घटना की जानकारी होते ही डीआरएम राजेश कुमार पांडेय सहित कई अधिकारी मौके पर पहुंच गए। विभागीय कर्मचारियों ने काफी प्रयास के बाद देर रात ढाई बजे इंजन को पटरी पर लाया। इंजन के बेपटरी होने की जांच शुरू कर दी गई है। रेलवे के डाउन यार्ड में बुधवार की देर रात लोको पायलट मोहम्मद नसीम खान व शंटमैन निजामुद्दीन इलेक्ट्रिक इंजन की शंटिंग करा रहे थे। इस दौरान खेताड़ी केबिन पोल संख्या 1724 के समीप लाइन संख्या तीन में इंजन को ले जाना था। लेकिन प्वाइंट की गडबड़ी के कारण इंजन दूसरे लाइन में चला गया। इससे इंजन का चक्का बेपटरी हो गया। घटना की जानकारी होने पर डीआरएम सहित कई अधिकारी मौके पर पहुंच गए। सूचना पर पहुंचे एआरटी दल के कर्मचारियों ने लगभग पांच घंटे के प्रयास के बाद इंजन को पटरी पर लाया। डीआरएम राजेश कुमार पांडेय के निर्देश पर इंजन बेपटरी होने की जांच कराई जा रही है। हालांकि इंजन बेपटरी होने के बाद यात्री ट्रेनों के परिचालन पर किसी प्रकार का असर नहीं रहा।
पीडीडीयू नगर। पंडित दीनदयाल उपाध्याय मंडल के रफीगंज स्टेशन के पास अराजकतत्वों ने गुरुवार की सुबह सिक्का रखकर रेल पटरी को चटका दिया। इस कारण भुवनेश्वर-आसनसोल पारसनाथ कोविड-19 स्पेशल ट्रेन रुक गई। लगभग 34 मिनट के बाद गड़बड़ी दुरुस्त की गई। फिर ट्रेनों का परिचालन बहाल हुआ। कर्मचारी रेल पटरियों की जांच कर रहे थे। इसी बीच खंभा संख्या 12-टी के पास क्षतिग्रस्त एक सिक्का मिला। पटरी चटकी की जानकारी हुई तो अधिकारियों में खलबली मच गई। तत्काल विभागीय कर्मचारी वहां पहुंच गए और आधे घंटे बाद पटरी को दुरुस्त किए। इसके बाद ट्रेन गुजरी। भुवनेश्वर-आसनसोल पारसनाथ कोविड-19 स्पेशल ट्रेन आधे घंटे विलंब से अपने गंतव्य पहुंची। यात्रियों को परेशानी उठानी पड़ी।
पीडीडीयू नगर। बांद्रा जंक्शन से आसनसोल तक भावनगर-आसनसोल एक्सप्रेस से यात्रा कर रहे एक युवक को कोच संख्या एस नौ के बर्थ संख्या 53 पर अचेत पाया गया। रेल चिकित्सकों की जांच पड़ताल में डाक्टर जितेंद्र कुमार ने उसे मृत घोषित कर दिया। उसके पास से मिले आधार कार्ड पर उसकी पहचान बिट्टू कुमार (21) के रूप में हुई। वह देवघर जिले के सारवां थाना क्षेत्र के लश्कर गांव का रहने वाला था। डिप्टी एसएस डीडीयू के मेमो के आधार पर एसआई आरएन राम ने उसे चिकित्सकों के ले गए। जहां उसे मृत घोषित कर दिया गया। इसके बाद जीआरपी आगे की कार्रवाई में जुट गई।