पीडीडीयू नगर। माध्यमिक शिक्षा परिषद यूपी बोर्ड परीक्षा पिछले दो सत्रों में फरवरी से शुरू कराकर सत्र सुधारने और अप्रैल से नया सत्र शुरू करने में कामयाब हो गया था। मगर इस कोरोना काल में इस चालू सत्र में न सिर्फ बोर्ड परीक्षा देर से होगी बल्कि इंटर कालेजों में कोर्स पूरा कराना भी बड़ी चुनौती है। अभी करीब 50 फीसदी कोर्स भी पूूरा नहीं हो सका है जबकि शिक्षा विभाग बोर्ड परीक्षा की तैयारी में जुट गया है। इसे लेकर प्रधानाचार्यों, शिक्षकों और बोर्ड परीक्षा में बैठने वाले 10वीं और बारहवीं के छात्र-छात्राओं को भी चिंता सताने लगी है।
कोरोना संक्रमण के चलते पहले तो स्कूल बंद हो गए। आठ महीने बाद नवंबर में स्कूल खुले तो पहले छात्र-छात्राओं की उपस्थिति भी कम रही, अब करीब 50 फीसदी छात्र आ रहे हैं पढ़ाई भी शुरू है लेकिन लंबे समय तक स्कूल बंद होने का असर कोर्स पूरा कराने पर दिख रहा है। विज्ञान वर्ग के छात्र-छात्राओं का प्रैक्टिकल भी नहीं हो सका है। ऐसे में कोर्स के साथ प्रैक्टिकल को पूूरा करना आसान नहीं है। स्कूलों में अंग्रेेजी, गणित, विज्ञान सहित प्रमुख विषयों के कोर्स अधूरे हैं।
पीडीडीयू नगर। स्कूलों में छात्र-छात्राओं का कोर्स पूरा कराने के लिए प्रधानाचार्य और शिक्षक भी चिंतित हैं। नगर पालिका इंटर कालेज के प्रधानाचार्य डॉ. महेंद्र कुमार पांडेय कहते हैं कि शासन और शिक्षा विभाग की ओर से दूरदर्शन, चंद्रप्रभा चैनल के साथ ही स्कूलों से भी ऑनलाइन की व्यवस्था की गई है लेकिन ग्रामीण क्षेत्र के बच्चों के लिए थोड़ी परेशानी है। अब कोवड़-19 की गाइडलाइन के अनुसार कक्षाएं शुरू हुईं है तो कोर्स को पूरा कराया जा रहा है। विशेष रूप से बोर्ड की परीक्षा में बैठने वालों विद्यार्थियों के लिए दिक्कत है। कोशिश है कि कोर्स पूरा करा दिया जाए जिससे उनका नुकसान न हो। वहीं महेंद्र टेक्निकल इंटर कालेज के प्रधानाचार्य डॉ. रामचंद्र शुक्ला का कहना है कि ऑनलाइन पढ़ाई का लाभ जितना मिलना चाहिए उतना विद्यार्थियों को नहीं मिल पाया है। अब कक्षाएं चल रही हैं तो कोशिश है कि मुख्य विषयों के साथ महत्वपूर्ण अध्यायों को पहले पूरा कराया जाए जिससे कि बोर्ड परीक्षा में छात्रों को दिक्कत न हो।
पीडीडीयू नगर। कोरोना संक्रमण को देखते हुए इस बार शिक्षा विभाग ने कोर्स मेें करीब 30 फीसदी की कटौती की है। वहीं इस बार परीक्षा भी फरवरी की जगह अप्रैल में होने की संभावना जताई जा रही है। इससे छात्रों को भरोसा है कि कोर्स कटौती और परीक्षा अप्रैल में हुई तो तैयारी के लिए दो महीने का और समय मिल जाएगा। इससे पिछड़े कोर्स को पूरा कराने में सहूलियत होगी।
बोर्ड परीक्षा की तैयारी शुरू कर दी गई है। तहसील स्तर पर केंद्र निर्धारण के लिए एसडीएम की अध्यक्षता में कमेटी गठित कर दी गई है। वहां से केंद्रों की सूची आने के बाद उसे बोर्ड को भेजा जाएगा। इस बार कोरोना संक्रमण के चलते फरवरी में केंद्र निर्धारण होने की संभावना है। केंद्रों का निर्धारण ऑनलाइन शासन से किया जाएगा। इससे परीक्षा भी अप्रैल में होने की उम्मीद है। कोर्स को पूरा कराने का प्रयास किया जा रहा है ताकि विद्यार्थियों का नुकसान न हो। डॉ. विनोद कुमार राय, डीआईओएस चंदौली।