चकिया। बारिश और बाढ़ के साथ उमस से लोग तेजी से बीमार हो रहे हैं। जिला संयुक्त चिकित्सालय की ओपीडी में मरीजों की संख्या दोगुनी हो गई है। ज्यादातर मरीज वायरल बुखार, खांसी और प्लेटलेट कम होने की शिकायत लेकर पहुंच रहे हैं। एक हफ्ते पहले ओपीडी में 300 से 340 मरीज पहुंचते थे लेकिन शनिवार को यह आंकड़ा 702 मरीजों का रहा। राहत की बात यह है कि प्लेटलेट कम होने और बुखार वाले मरीजों की कराई जा रही डेंगू जांच की रिपोर्ट अब तक निगेटिव आई है।
मेडिकल ऑफिसर डॉ. आरआर यादव का कहना है कि मौसम में उतार-चढ़ाव और वातावरण में नमी के कारण वायरल संक्रमण बढ़ रहा है। ऐसे में लोग तेजी से संक्रमण की चपेट में आ रहे हैं। अस्पताल में बुखार, खांसी, त्वचा और पेट के मरीज ज्यादा आ रहे हैं। मरीजों की जरूरी जांच कराई जा रही है। जांच रिपोर्ट के आधार पर दवाएं दी जा रही हैं।
380 मरीज वायरल बुखार से पीड़ित मिले
शनिवार को जिला संयुक्त चिकित्सालय की ओपीडी में विभिन्न बीमारियों से पीड़ित 702 मरीजों ने उपचार कराया। इनमें 370 मरीजों ने आभा एप के माध्यम से पंजीकरण कराया। ओपीडी में आने वाले मरीजों में वायरल फीवर और खांसी की शिकायत प्रमुख रूप से सामने आ रही है। 380 मरीज वायरल बुखार से पीड़ित थे। कई मरीज प्लेटलेट कम होने की समस्या लेकर भी चिकित्सकों के पास पहुंच रहे हैं।
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82 लोगों मरीजों में प्लेटलेट कम मिले
चिकित्सकों ने बताया कि बुखार के साथ प्लेटलेट कम मिलने वाले मरीजों को लेकर विशेष सतर्कता बरती जा रही है। रोज करीब डेढ़ दर्जन मरीजों की डेंगू की जांच कराई जा रही है। हालांकि अभी तक सारी रिपोर्ट निगेटिव आई हैं। चिकित्सकों का कहना है कि प्लेटलेट में कमी का हर मामला डेंगू नहीं होता, लेकिन लक्षणों को देखते हुए जांच कराना जरूरी है। मौसम परिवर्तन के साथ वायरल संक्रमण के बढ़ने से लोगों में बुखार, खांसी, कमजोरी और अन्य मौसमी बीमारियों की शिकायत बढ़ रही है। चिकित्सकों ने लोगों से लक्षण दिखाई देने पर स्वयं दवा लेने के बजाय चिकित्सकीय सलाह लेने की अपील की है।
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गर्म और ताजा भोजन करें
डॉ. आरआर यादव ने लोगों को इस मौसम में सफाई और खानपान को लेकर विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है। पानी को उबालकर या सुरक्षित तरीके से पीने, गर्म और ताजा भोजन करने तथा घर के आसपास पानी जमा न होने देने पर जोर दिया गया है। खुले में बिकने वाले फास्ट फूड और कटे-खुले खाद्य पदार्थों के सेवन से बचने की सलाह दी गई है।
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बुखार ज्यादा दिन रहे तो पहुंचे अस्पताल
बारिश के बाद जगह-जगह जलभराव और गंदगी के कारण मच्छरों के पनपने की आशंका भी बढ़ जाती है। ऐसे में घरों के आसपास पानी जमा नहीं होने देने और मच्छरों से बचाव के उपाय करने की सलाह दी गई है। चिकित्सकों का कहना है कि बुखार कई दिन तक बना रहे, तेज कमजोरी हो या प्लेटलेट कम होने की जानकारी मिले तो तत्काल अस्पताल पहुंचकर जांच करानी चाहिए।
कोट
मौसम में बदलाव के कारण ओपीडी में मरीजों की संख्या बढ़ी है। शनिवार को ओपीडी में 702 मरीजों का उपचार किया गया। बुखार और प्लेटलेट कम होने की शिकायत वाले मरीजों की जरूरी जांच कराई जा रही है। - डॉ. आरबी सिंह, सीएमएस, जिला संयुक्त चिकित्सालय, चकिया